गुरु दीक्षा guru deeksha mantra diksha लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
गुरु दीक्षा guru deeksha mantra diksha लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

19 फ़रवरी 2026

सिद्धाश्रम गमन दीक्षा : 3 मार्च : एक अद्भुत आध्यात्मिक दीक्षा

सिद्धाश्रम गमन दीक्षा : 3 मार्च : एक अद्भुत आध्यात्मिक दीक्षा 

भारतीय आध्यात्मिक और पौराणिक परंपराओं में 'सिद्धाश्रम' एक अत्यंत रहस्यमयी, पवित्र और दिव्य स्थान माना गया है। इसे सिद्ध पुरुषों, ऋषियों और योगियों की तपोभूमि कहा जाता है।

सिद्धाश्रम को हिमालय के किसी अज्ञात और अगम्य क्षेत्र में माना जाता है, जो सामान्य मनुष्यों की दृष्टि से ओझल है। कुछ मान्यताओं के अनुसार यह मानसरोवर और कैलाश पर्वत के पास स्थित है।

इसे सिद्धों की भूमि माना जाता है । यहाँ आज भी उच्च कोटि के योगी, ऋषि और 'सिद्ध' सूक्ष्म शरीर में निवास करते हैं। जिनमे अलग स्वर्ग की रचना करने वाले महर्षि विश्वामित्र से लेकर सप्त ऋषि तथा कृपाचार्य जैसे विशिष्ट मृत्युंजयी वहाँ आते हैं । 

मान्यताओं और योगियों के अनुभव के अनुसार, सिद्धाश्रम का वातावरण सांसारिक दुनिया से बिल्कुल अलग है । यहाँ सूर्य या चंद्रमा के प्रकाश की तरह नहीं, बल्कि एक निरंतर दिव्य आध्यात्मिक आभा फैली रहती है। यहाँ स्थित सिद्धयोगा झील, वृक्ष और पशु-पक्षी सभी चैतन्य और दिव्य माने जाते हैं। यहाँ कल्पवृक्ष भी है । यहाँ का वातावरण हमेशा सुगंधित और शांत रहता है। सिद्धाश्रम में समय का प्रभाव नहीं पड़ता; यहाँ रहने वाले योगी सैकड़ों वर्षों तक युवा और स्वस्थ रहते हैं।

सिद्धाश्रम की विशिष्टता और और वहां निवास करने वाले दिव्य ऋषियों के बारे में जानना किसी आध्यात्मिक यात्रा से कम नहीं है। सिद्धाश्रम को 'ब्रह्मांड का हृदय' माना जाता है, जहाँ से इस सृष्टि की आध्यात्मिक ऊर्जा संचालित होती है।

जिन साधकों को विशिष्ट योगियों के द्वारा स्वप्न या सूक्ष्म रूप मे दीक्षा मिलती है वे योगी और सिद्ध यहीं से निर्देशित होते हैं । 

सद्गुरुदेव डॉ. नारायण दत्त श्रीमाली (परमहंस स्वामी निखिलेश्वरानंद) ने अपने साहित्य में सिद्धाश्रम का विस्तृत वर्णन किया है। यह स्थान आत्म-साक्षात्कार, मंत्र सिद्धि और उच्च स्तरीय आध्यात्मिक शक्तियों को प्राप्त करने का सर्वोच्च केंद्र माना जाता है। उन्होंने सिद्धाश्रम के संचालक प्रातः स्मरणीय दादा गुरुदेव परमहंस स्वामी सच्चिदानन्द जी के विषय मे लिखा है कि वे दस हजार से भी ज्यादा वर्ष की आयु प्राप्त हैं । उन्होने पिछले दस हजार वर्षों मे केवल तीन शिष्य बनाए हैं, जिसमे तीसरे शिष्य वे स्वयं हैं । प्रवेश की पात्रता के विषय मे सद्गुरुदेव ने बताया था कि केवल एक समर्थ सद्गुरु ही अपने शिष्य को सूक्ष्म मार्ग से सिद्धाश्रम की यात्रा करा सकते हैं या वहाँ प्रवेश दिला सकते हैं। 

उनकी प्रिय शिष्य हैं गुरु माता डॉ साधना सिंह !



वे उनके साथ सिद्धाश्रम जा चुकी हैं और किसी शिष्य को वहाँ ले जाने का पूर्ण सामर्थ्य भी रखती हैं । यह अलग बात है कि वह इतनी सरल और सहज लगती है कि इस बात पर विश्वास करना बहुत मुश्किल लगता है। मैं पिछले 18 वर्षों से उनके साथ हूं । उनको और उनकी आध्यात्मिक क्षमताओं को मैंने बहुत करीब से देखा है; इसलिए मैं यह बात कह रहा हूं !

बाकी जैसा आप सोचना चाहें ..... 

गुरुमाता इस बार चन्द्र ग्रहण के अवसर पर पहली बार “सिद्धाश्रम गमन दीक्षा” प्रदान कर रही हैं । 

आप अगर अध्यात्म जगत की उच्चता को जानने के इच्छुक हैं और उसके सबसे उच्च सोपान तक पहुँचने की यात्रा करने के लिए मेहनत करने को तैयार हैं तो भोपाल जाकर गुरु माता डॉ साधना सिंह जी के श्री चरणों मे बैठकर इस दीक्षा को प्राप्त करें । उसके बाद गुरु मंत्र जाप नियमित करते रहें तो साल भर मे आपको विशिष्ट आध्यात्मिक अनुभव होने प्रारम्भ हो जाएँगे ......  

अगर आप इच्छुक हों तो रेजिस्ट्रेशन के लिए संपर्क कर सकते हैं :-

श्री प्रशांत पाण्डेय

8800458271



1 जनवरी 2026

दस महाविद्याये तथा उनकी साधना से होने वाले लाभ

    दस महाविद्याये तथा उनकी साधना से होने वाले लाभ 


मेरे सदगुरुदेव डा नारायण दत्त श्रीमाली जी ने दसों महाविद्याओं के सम्बन्ध में विस्तृत विवेचन किया है . उनके प्रवचन के ऑडियो/वीडियो आप इंटरनेट पर सर्च करके या यूट्यूब पर सुन सकते हैं . तथा विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं .  


जितना मैंने जाना है उसके आधार पर मुझे ऐसा लगता है कि सभी महाविद्याओं से आध्यात्मिक शक्ति की वृद्धि तथा सर्व मनोकामना की पूर्ती होती है . इसके अलावा जो विशेष प्रयोजन सिद्ध होते हैं उनका उल्लेख इस प्रकार से किया गया है .  

महाकाली - मानसिक प्रबलता /सर्वविध रक्षा / कुण्डलिनी जागरण /पौरुष 

तारा - आर्थिक उन्नति / कवित्व / वाक्शक्ति 

त्रिपुर सुंदरी - आर्थिक/यश / आकर्षण 

भुवनेश्वरी - आर्थिक/स्वास्थ्य/प्रेम 

छिन्नमस्ता - तन्त्रबाधा/शत्रुबाधा / सर्वविध रक्षा

त्रिपुर भैरवी - तंत्र बाधा / शत्रुबाधा / सर्वविध रक्षा

धूमावती - शत्रु बाधा / सर्वविध रक्षा 

बगलामुखी - शत्रु स्तम्भन / वाक् शक्ति / सर्वविध रक्षा

मातंगी - सौंदर्य / प्रेम /आकर्षण/काव्य/संगीत  

कमला - आर्थिक उन्नति 


महाविद्याओं की साधना उच्चकोटि की साधना है . आप अपनी रूचि के अनुसार किसी भी महाविद्या की साधना कर सकते हैं . महाविद्या साधना आपको जीवन में सब कुछ प्रदान करने में सक्षम है .

यदि आप सात्विक पद्धति से गृहस्थ जीवन में रहते हुए ही , महाविद्या साधना सिद्धि करना चाहते हैं तो आप महाविद्या से सम्बंधित दीक्षा तथा मंत्र प्राप्त करने के लिए मेरे गुरुदेव स्वामी सुदर्शन नाथ जी से या गुरुमाता डा साधना सिंह जी से संपर्क कर सकते हैं .


विस्तृत जानकारी के लिए नीचे दिए गए वेबसाइट तथा यूट्यूब चैनल का अवलोकन कर सकते हैं . 

contact for details
वेबसाइट
namobaglamaa.org

यूट्यूब चैनल
https://youtube.com/c/MahavidhyaSadhakPariwar

21 नवंबर 2025

गुरुदेव स्वामी सुदर्शन नाथ जी : एक प्रचंड तंत्र साधक

 गुरुदेव स्वामी सुदर्शन नाथ जी : एक प्रचंड तंत्र साधक



साधना का क्षेत्र अत्यंत दुरुह तथा जटिल होता है. इसी लिये मार्गदर्शक के रूप में गुरु की अनिवार्यता स्वीकार की गई है.
गुरु दीक्षा प्राप्त शिष्य को गुरु का प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष मार्गदर्शन प्राप्त होता रहता है.
बाहरी आडंबर और वस्त्र की डिजाइन से गुरू की क्षमता का आभास करना गलत है.
एक सफ़ेद धोती कुर्ता पहना हुआ सामान्य सा दिखने वाला व्यक्ति भी साधनाओं के क्षेत्र का महामानव हो सकता है यह गुरुदेव स्वामी सुदर्शन नाथ जी से मिलकर मैने अनुभव किया.

भैरव साधना से शरभेश्वर साधना तक.......
कामकला काली से लेकर त्रिपुरसुंदरी तक .......
अघोर साधनाओं से लेकर तिब्बती साधना तक....
महाकाल से लेकर महासुदर्शन साधना तक सब कुछ अपने आप में समेटे हुए निखिल तत्व के जाज्वल्यमान पुंज स्वरूप...
गुरुदेव स्वामी सुदर्शननाथ जी
महाविद्या त्रिपुर सुंदरी के सिद्धहस्त साधक हैं.वर्तमान में बहुत कम महाविद्या सिद्ध साधक इतनी सहजता से साधकों के मार्गदर्शन के लिये उपलब्ध हैं.

आप चाहें तो उनसे संपर्क करके मार्गदर्शन ले सकते हैं :-

साधना सिद्धि विज्ञान
जास्मीन - 429
न्यू मिनाल रेजीडेंसी
जे. के. रोड , भोपाल [म.प्र.]
दूरभाष : (0755)
4269368,4283681,4221116

वेबसाइट:-

www.namobaglamaa.org


यूट्यूब चेनल :-

https://www.youtube.com/@MahavidhyaSadhakPariwar




14 नवंबर 2025

दस महाविद्याये तथा उनकी साधना से होने वाले लाभ

  दस महाविद्याये तथा उनकी साधना से होने वाले लाभ 


मेरे सदगुरुदेव डा नारायण दत्त श्रीमाली जी ने दसों महाविद्याओं के सम्बन्ध में विस्तृत विवेचन किया है . उनके प्रवचन के ऑडियो/वीडियो आप इंटरनेट पर सर्च करके या यूट्यूब पर सुन सकते हैं . तथा विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं .  


जितना मैंने जाना है उसके आधार पर मुझे ऐसा लगता है कि सभी महाविद्याओं से आध्यात्मिक शक्ति की वृद्धि तथा सर्व मनोकामना की पूर्ती होती है . इसके अलावा जो विशेष प्रयोजन सिद्ध होते हैं उनका उल्लेख इस प्रकार से किया गया है .  

महाकाली - मानसिक प्रबलता /सर्वविध रक्षा / कुण्डलिनी जागरण /पौरुष 

तारा - आर्थिक उन्नति / कवित्व / वाक्शक्ति 

त्रिपुर सुंदरी - आर्थिक/यश / आकर्षण 

भुवनेश्वरी - आर्थिक/स्वास्थ्य/प्रेम 

छिन्नमस्ता - तन्त्रबाधा/शत्रुबाधा / सर्वविध रक्षा

त्रिपुर भैरवी - तंत्र बाधा / शत्रुबाधा / सर्वविध रक्षा

धूमावती - शत्रु बाधा / सर्वविध रक्षा 

बगलामुखी - शत्रु स्तम्भन / वाक् शक्ति / सर्वविध रक्षा

मातंगी - सौंदर्य / प्रेम /आकर्षण/काव्य/संगीत  

कमला - आर्थिक उन्नति 


महाविद्याओं की साधना उच्चकोटि की साधना है . आप अपनी रूचि के अनुसार किसी भी महाविद्या की साधना कर सकते हैं . महाविद्या साधना आपको जीवन में सब कुछ प्रदान करने में सक्षम है .

यदि आप सात्विक पद्धति से गृहस्थ जीवन में रहते हुए ही , महाविद्या साधना सिद्धि करना चाहते हैं तो आप महाविद्या से सम्बंधित दीक्षा तथा मंत्र प्राप्त करने के लिए मेरे गुरुदेव स्वामी सुदर्शन नाथ जी से या गुरुमाता डा साधना सिंह जी से संपर्क कर सकते हैं .


विस्तृत जानकारी के लिए नीचे दिए गए वेबसाइट तथा यूट्यूब चैनल का अवलोकन कर सकते हैं . 

contact for details
वेबसाइट
namobaglamaa.org

यूट्यूब चैनल
https://youtube.com/c/MahavidhyaSadhakPariwar

19 सितंबर 2025

दस महाविद्याये तथा उनकी साधना से होने वाले लाभ

 दस महाविद्याये तथा उनकी साधना से होने वाले लाभ 


मेरे सदगुरुदेव डा नारायण दत्त श्रीमाली जी ने दसों महाविद्याओं के सम्बन्ध में विस्तृत विवेचन किया है . उनके प्रवचन के ऑडियो/वीडियो आप इंटरनेट पर सर्च करके या यूट्यूब पर सुन सकते हैं . तथा विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं .  


जितना मैंने जाना है उसके आधार पर मुझे ऐसा लगता है कि सभी महाविद्याओं से आध्यात्मिक शक्ति की वृद्धि तथा सर्व मनोकामना की पूर्ती होती है . इसके अलावा जो विशेष प्रयोजन सिद्ध होते हैं उनका उल्लेख इस प्रकार से किया गया है .  

महाकाली - मानसिक प्रबलता /सर्वविध रक्षा / कुण्डलिनी जागरण /पौरुष 

तारा - आर्थिक उन्नति / कवित्व / वाक्शक्ति 

त्रिपुर सुंदरी - आर्थिक/यश / आकर्षण 

भुवनेश्वरी - आर्थिक/स्वास्थ्य/प्रेम 

छिन्नमस्ता - तन्त्रबाधा/शत्रुबाधा / सर्वविध रक्षा

त्रिपुर भैरवी - तंत्र बाधा / शत्रुबाधा / सर्वविध रक्षा

धूमावती - शत्रु बाधा / सर्वविध रक्षा 

बगलामुखी - शत्रु स्तम्भन / वाक् शक्ति / सर्वविध रक्षा

मातंगी - सौंदर्य / प्रेम /आकर्षण/काव्य/संगीत  

कमला - आर्थिक उन्नति 

सभी महाविद्याओं के शाबर मंत्र होते हैं , जिनका प्रयोग कोई भी कर सकता है . यदि आपके गुरु नहीं हैं तो भगवान शिव/महाकाली को गुरु मानकर आप इनका प्रयोग इस नवरात्रि में करें और लाभ उठायें . शाबर मंत्र सामान्य भाषा में होते हैं . उनको जैसा लिखा है वैसा ही पढ़ना चाहिए . उसमे व्याकरण सुधार करने के कोशिश न करें . ये मंत्र सिद्ध योगियों द्वारा उद्भूत हैं इसलिए जैसा उन्होंने रच दिया वैसा ही पढ़ने से ज्यादा लाभ होगा . 

शाबर मन्त्रों के जाप करते समय दीपक और अगरबत्ती या धुप जलाये रखना चाहिए . गुग्गुल की धुप या अगरबत्ती का प्रयोग बेहतर होगा . न हो तो कोई भी अगरबत्ती जला लें . 


महाविद्याओं की साधना उच्चकोटि की साधना है . आप अपनी रूचि के अनुसार किसी भी महाविद्या की साधना कर सकते हैं . महाविद्या साधना आपको जीवन में सब कुछ प्रदान करने में सक्षम है .

यदि आप सात्विक पद्धति से गृहस्थ जीवन में रहते हुए ही , महाविद्या साधना सिद्धि करना चाहते हैं तो आप महाविद्या से सम्बंधित दीक्षा तथा मंत्र प्राप्त करने के लिए मेरे गुरुदेव स्वामी सुदर्शन नाथ जी से या गुरुमाता डा साधना सिंह जी से संपर्क कर सकते हैं .


विस्तृत जानकारी के लिए नीचे दिए गए वेबसाइट तथा यूट्यूब चैनल का अवलोकन कर सकते हैं . 

contact for details
वेबसाइट
namobaglamaa.org

यूट्यूब चैनल
https://youtube.com/c/MahavidhyaSadhakPariwar

शारदीय नवरात्रि 2025 की तिथियाँ

 शारदीय नवरात्रि 2025 की तिथियाँ 



इस वर्ष नवरात्रि की तिथियाँ इस प्रकार हैं । शुभ मुहूर्त के लिए आप पंचांग देख सकते हैं या गूगल कर सकते हैं । 

22 सितंबर 2025 – प्रतिपदा (शैलपुत्री पूजा)
23 सितंबर 2025 – द्वितीया (ब्रह्मचारिणी पूजा)
24 सितंबर 2025 – तृतीया (चन्द्रघण्टा पूजा)
26 सितंबर 2025 – चतुर्थी (कूष्माण्डा पूजा)
27 सितंबर 2025 – पञ्चमी (स्कन्दमाता पूजा)
28 सितंबर 2025 – महाषष्ठी (कात्यायनी पूजा)
29 सितंबर 2025 – महासप्तमी (कालरात्रि पूजा)
30 सितंबर 2025 – महाअष्टमी (महागौरी पूजा)
1 अक्टूबर 2025 – महानवमी (सिद्धिदात्री पूजा)
2 अक्टूबर 2025 – विजयादशमी

6 जुलाई 2025

ऑनलाइन पूजन मे भाग लेकर दीक्षा प्राप्त करें गुरुपूर्णिमा पर

                                    

महाविद्या साधक परिवार(एक विराट, भव्य एवं दिव्य गुरु श्रृंखला)




जगद्गुरु भगवान शिव

|

भगवान वेद व्यास

गौड पादाचार्य 
|
|



==========


[1871-1953]


------------------------------------------------------------------
[1907-1982]
|

---------------------------------------------------------------------------------------------------------
।                                                                                                 ।
गुरुमाता डॉ . साधना सिंह  जी                                                                       गुरुदेव स्वामी सुदर्शन नाथ जी
                                                                                                       
जानकारी स्त्रोत -  साधना सिद्धि विज्ञान जुलाई २००५ पेज ७०

भगवान वेद व्यास के शिष्य रहे गौडपादाचार्य, गौड पादाचार्य के शिष्य रहे गोविन्दपाद, गोविन्दपाद आदि शंकराचार्य के गुरु रहे हैं। जगद्गुरु शंकराचार्य जी ने सनातन धर्म की प्रचार के लिए 4 मठ की स्थापना की, जिसमें शंकराचार्य की इस श्रृंखला में ब्रह्मानंद सरस्वती जी ज्योतिर्मय पीठ पर बैठे। ब्रह्मानंद सरस्वती जी के दो प्रमुख शिष्य हुए, इनमें से एक महेश योगी एवं एक धर्म सम्राट करपात्री जी महराज। करपात्री जी महाराज ने सद्गुरुदेव डॉ. नारायण दत्त श्रीमाली जी (स्वामी निखिलेश्वरानंद जी) को तंत्र दीक्षा, 10 महाविद्या दीक्षा ,श्री विद्या जैसी अनेकों दीक्षाएं प्रदान की।

परमहंस स्वामी निखिलेश्वरानंद महाराज द्वारा अपने आध्यात्मिक जीवन में भारत एवं सुदूर के असंख्य लोगों को दीक्षा प्रदान कर अनेकों उत्कृष्ट शिष्यों का निर्माण किया ।श्री निखिलेश्वरानंद महाराज द्वारा दीक्षित एवं परिष्कृत शिष्यों में से हमारे पूज्य गुरुदेव श्री सुदर्शन नाथ जी एवं पूज्य गुरु माता डॉक्टर साधना जी हैं । 

पूज्य गुरुदेव सुदर्शन नाथ जी एवं गुरु माता डॉक्टर साधना जी द्वारा भोपाल मे साधकों के लिए महाविद्या साधक परिवार की स्थापना की गई । भोजपुर नामक स्थान पर निखिलधाम नामक एक अत्यंत प्रचंड सिद्ध शक्तिपीठ का निर्माण किया गया है जिसमे दस महाविद्याओं और भगवान क्षाराभ के साथ साथ परमहंस स्वामी निखिलेश्वरनन्द जी का दिव्य मंदिर भी स्थापित है । 

निखिल भगवान की सूक्ष्म उपस्थिति में गुरुदेव श्री सुदर्शननाथ एवं गुरुमाता डॉ साधना के साथ गुरुपूर्णिमा महोत्सव दिनाँक 10/07/2025 को मनाया जा रहा है । जिसके अंतर्गत वर्तमान में वैवश्विक परिदृश्य को देखते हुए शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से कवचित करने के लिए दस महाविद्या खड्ग माला प्रयोग एवं कवच शिष्यों को प्रदान की जाएगी।

संपर्क :- 

🔴 प्रशांत पांड़े (दिल्ली) 8800458271 🟠 रजनीश आचार्य (छिंदवाड़ा) 9425146518 🟠 देवेन्द्र उइके (नागपुर): 9096078410 🟡मनोहर सरजाल (छत्तीसगढ़)+91 90091 60861 🟡सचिन किसवे (लातूर)+91 93257 77190 🟠 सुभाष शर्मा (उदयपुर) 9929140845 🟡प्रेमजीत सिंह (पटना)+91 87574 02620 🟡विनयशर्मा(गुना)9685224686 🔴कपिल वास्पत (इंदौर) 9179050735 🔵रणजीत अन्कुलगे (उदगीर) 9923440540 🟡विनय शर्मा ( अयोध्या)09235712271 🟢करुणेश कर्ण (पटना)+91 98522 84595 🟣स्वाति शर्मा (गाजियाबाद) 9958862952,9354101677 🔵सन्तोष नागतोडे (मोइझिरि) 9301107239 🟠 कार्यालय भोपाल 0755-4269368