एक प्रयास सनातन धर्म[Sanatan Dharma] के महासमुद्र मे गोता लगाने का.....कुछ रहस्यमयी शक्तियों [shakti] से साक्षात्कार करने का.....गुरुदेव Dr. Narayan Dutt Shrimali Ji [ Nikhileswaranand Ji] की कृपा से प्राप्त Mantra Tantra Yantra विद्याओं को समझने का...... Kali, Sri Yantra, Laxmi,Shiv,Kundalini, Kamkala Kali, Tripur Sundari, Maha Tara ,Tantra Sar Samuchhay , Mantra Maharnav, Mahakal Samhita, Devi,Devata,Yakshini,Apsara,Tantra, Shabar Mantra, जैसी गूढ़ विद्याओ को सीखने का....
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2 अप्रैल 2026
दुर्घटना और आपदा से बचाव : हनुमान यंत्र
हनुमान जी पर चोला चढ़ाने की सरल विधि
हनुमान जी पर चोला चढ़ाने की सरल विधि

- हनुमान जी पर सिन्दूर घोलकर लेप करने को चोला चढाना कहते हैं .
- हनुमान जी पर चोला चढाने के लिये सिन्दूर को तेल में घोलकर पूरी मूर्ति पर लेप किया जाता है.
- लेप करने के बाद उनके चरणों से सिन्दूर लेकर अपने माथे तथा हृदय पर लगाना चाहिये.कम से कम एक बार हनुमान चालीसा का पाठ अवश्य करें.
- यदि संभव हो तो सुंदर कांड का पाठ भी लाभदायक रहेगा.
- चोला चढाने से पहले कम से कम एक दिन का ब्रह्मचर्य जरूर रखें. चोला चढाने के बाद कम से कम एक दिन सात्विक आहार आचार व्यवहार रखें तो ज्यादा लाभ होगा.
साथ में बंदरों को चने या उनके पसंद की कोई सामग्री खिलाना भी लाभ प्रद होगा.
श्री हनुमान सरल हवन विधि
- पहले एक हवन कुंड या पात्र में लकडियां जमायें.
- अब उसमें "आं अग्नये नमः" मंत्र बोलते हुए आग लगायें.
- ७ बार "ॐ अग्नये स्वाहा" मंत्र से आहुति डालें.
- ३ बार "ॐ गं गणपतये स्वाहा" मंत्र से आहुति डालें.
- ३ बार "ॐ भ्रं भैरवाय स्वाहा" मंत्र से आहुति डालें.
- २१ बार "ॐ परम तत्वाय नारायणाय गुरुभ्यो नमः स्वाहा" मंत्र से आहुति डालें.
- 11 बार "ॐ जानकी वल्लभाय स्वाहा" मंत्र से आहुति डालें.
- अब जिस हनुमान मन्त्र का जाप कर रहे थे उस मन्त्र से स्वाहा लगाकर १०८ बार आहुति डालें.
- अंत में अपने दोनों कान पकडकर गलतियों के लिये क्षमा मांगे.
श्री हनुमान सरल हवन विधि
हनुमान जी के 108 नामों से पूजन
1 ॐ अक्षहन्त्रे नमः।
2 ॐ अन्जनागर्भ सम्भूताय नमः।
3 ॐ अशोकवनकाच्छेत्रे नमः।
4 ॐ आञ्जनेयाय नमः।
5 ॐ कपिसेनानायकाय नमः।
6 ॐ कपीश्वराय नमः।
7 ॐ कबळीकृत मार्ताण्डमण्डलाय नमः।
8 ॐ काञ्चनाभाय नमः।
9 ॐ कामरूपिणे नमः।
10 ॐ काराग्रह विमोक्त्रे नमः।
11 ॐ कालनेमि प्रमथनाय नमः।
12 ॐ कुमार ब्रह्मचारिणे नमः।
13 ॐ केसरीसुताय नमः।
14 ॐ गन्धमादन शैलस्थाय नमः।
15 ॐ गन्धर्व विद्यातत्वज्ञाय नमः।
16 ॐ चञ्चलाय नमः।
17 ॐ चतुर्बाहवे नमः।
18 ॐ चिरञ्जीविने नमः।
19 ॐ जाम्बवत्प्रीतिवर्धनाय नमः।
20 ॐ तत्वज्ञानप्रदाय नमः।
21 ॐ दशग्रीव कुलान्तकाय नमः।
22 ॐ दशबाहवे नमः।
23 ॐ दान्ताय नमः।
24 ॐ दीनबन्धुराय नमः।
25 ॐ दृढव्रताय नमः।
26 ॐ दैत्यकार्य विघातकाय नमः।
27 ॐ दैत्यकुलान्तकाय नमः।
28 ॐ धीराय नमः।
29 ॐ नवव्याकृतपण्डिताय नमः।
30 ॐ पञ्चवक्त्राय नमः।
31 ॐ परमन्त्र निराकर्त्रे नमः।
32 ॐ परयन्त्र प्रभेदकाय नमः।
33 ॐ परविद्या परिहाराय नमः।
34 ॐ परशौर्य विनाशनाय नमः।
35 ॐ पारिजात द्रुमूलस्थाय नमः।
36 ॐ पार्थ ध्वजाग्रसंवासिने नमः।
37 ॐ पिङ्गलाक्षाय नमः।
38 ॐ प्रतापवते नमः।
39 ॐ प्रभवे नमः।
40 ॐ प्रसन्नात्मने नमः।
41 ॐ प्राज्ञाय नमः।
42 ॐ बल सिद्धिकराय नमः।
43 ॐ बालार्कसद्रशाननाय नमः।
44 ॐ ब्रह्मास्त्र निवारकाय नमः।
45 ॐ भविष्यथ्चतुराननाय नमः।
46 ॐ भीमसेन सहायकृते नमः।
47 ॐ मनोजवाय नमः।
48 ॐ महाकायाय नमः।
49 ॐ महातपसे नमः।
50 ॐ महातेजसे नमः।
51 ॐ महाद्युतये नमः।
52 ॐ महाबल पराक्रमाय नमः।
53 ॐ महारावण मर्दनाय नमः।
54 ॐ महावीराय नमः।
55 ॐ मायात्मने नमः।
56 ॐ मारुतात्मजाय नमः।
57 ॐ योगिने नमः।
58 ॐ रक्षोविध्वंसकारकाय नमः।
59 ॐ रत्नकुण्डल दीप्तिमते नमः।
60 ॐ रामकथा लोलाय नमः।
61 ॐ रामचूडामणिप्रदायकाय नमः।
62 ॐ रामदूताय नमः।
63 ॐ रामभक्ताय नमः।
64 ॐ रामसुग्रीव सन्धात्रे नमः।
65 ॐ रुद्र वीर्य समुद्भवाय नमः।
66 ॐ लक्ष्मणप्राणदात्रे नमः।
67 ॐ लङ्कापुर विदायकाय नमः।
68 ॐ लन्किनी भञ्जनाय नमः।
69 ॐ लोकपूज्याय नमः।
70 ॐ वज्रकायाय नमः।
71 ॐ वज्रदेहाय नमः।
72 ॐ वज्रनखाय नमः।
73 ॐ वागधीशाय नमः।
74 ॐ वाग्मिने नमः।
75 ॐ वानराय नमः।
76 ॐ वार्धिमैनाक पूजिताय नमः।
77 ॐ जितेन्द्रियाय नमः।
78 ॐ विभीषण प्रियकराय नमः।
79 ॐ शतकन्टमुदापहर्त्रे नमः।
80 ॐ शरपञ्जर भेदकाय नमः।
81 ॐ शान्ताय नमः।
82 ॐ शूराय नमः।
83 ॐ शृन्खला बन्धमोचकाय नमः।
84 ॐ श्री राम हृदयस्थाये नमः
85 ॐ श्रीमते नमः।
86 ॐ संजीवननगायार्था नमः।
87 ॐ सर्वग्रहबाधा विनाशिने नमः।
88 ॐ सर्वतन्त्र स्वरूपिणे नमः।
89 ॐ सर्वदुखः हराय नमः।
90 ॐ सर्वबन्धविमोक्त्रे नमः।
91 ॐ सर्वमन्त्र स्वरूपवते नमः।
92 ॐ सर्वमायाविभंजनाय नमः।
93 ॐ सर्वयन्त्रात्मकाय नमः।
94 ॐ सर्वरोगहराय नमः।
95 ॐ सर्वलोकचारिणे नमः।
96 ॐ सर्वविद्या सम्पत्तिप्रदायकाय नमः।
97 ॐ सागरोत्तारकाय नमः।
98 ॐ सिंहिकाप्राण भञ्जनाय नमः।
99 ॐ सीतादेविमुद्राप्रदायकाय नमः।
100 ॐ सीतान्वेषण पण्डिताय नमः।
101 ॐ सीताशोक निवारकाय नमः।
102 ॐ सीतासमेत श्रीरामपाद सेवदुरन्धराय नमः।
103 ॐ सुग्रीव सचिवाय नमः।
104 ॐ सुचये नमः।
105 ॐ सुरार्चिताय नमः।
106 ॐ स्फटिकाभाय नमः।
107 ॐ हनूमते नमः।
108 ॐ हरिमर्कट मर्कटाय नमः।
इन नामों का उच्चारण करें नमः के साथ चावल, सिंदूर,पुष्प,जल अर्पित करें ।
31 जनवरी 2026
हनुमान जी के 108 नाम
हनुमान जी के 108 नाम
1 ॐ अक्षहन्त्रे नमः।
2 ॐ अन्जनागर्भ सम्भूताय नमः।
3 ॐ अशोकवनकाच्छेत्रे नमः।
4 ॐ आञ्जनेयाय नमः।
5 ॐ कपिसेनानायकाय नमः।
6 ॐ कपीश्वराय नमः।
7 ॐ कबळीकृत मार्ताण्डमण्डलाय नमः।
8 ॐ काञ्चनाभाय नमः।
9 ॐ कामरूपिणे नमः।
10 ॐ काराग्रह विमोक्त्रे नमः।
11 ॐ कालनेमि प्रमथनाय नमः।
12 ॐ कुमार ब्रह्मचारिणे नमः।
13 ॐ केसरीसुताय नमः।
14 ॐ गन्धमादन शैलस्थाय नमः।
15 ॐ गन्धर्व विद्यातत्वज्ञाय नमः।
16 ॐ चञ्चलाय नमः।
17 ॐ चतुर्बाहवे नमः।
18 ॐ चिरञ्जीविने नमः।
19 ॐ जाम्बवत्प्रीतिवर्धनाय नमः।
20 ॐ तत्वज्ञानप्रदाय नमः।
21 ॐ दशग्रीव कुलान्तकाय नमः।
22 ॐ दशबाहवे नमः।
23 ॐ दान्ताय नमः।
24 ॐ दीनबन्धुराय नमः।
25 ॐ दृढव्रताय नमः।
26 ॐ दैत्यकार्य विघातकाय नमः।
27 ॐ दैत्यकुलान्तकाय नमः।
28 ॐ धीराय नमः।
29 ॐ नवव्याकृतपण्डिताय नमः।
30 ॐ पञ्चवक्त्राय नमः।
31 ॐ परमन्त्र निराकर्त्रे नमः।
32 ॐ परयन्त्र प्रभेदकाय नमः।
33 ॐ परविद्या परिहाराय नमः।
34 ॐ परशौर्य विनाशनाय नमः।
35 ॐ पारिजात द्रुमूलस्थाय नमः।
36 ॐ पार्थ ध्वजाग्रसंवासिने नमः।
37 ॐ पिङ्गलाक्षाय नमः।
38 ॐ प्रतापवते नमः।
39 ॐ प्रभवे नमः।
40 ॐ प्रसन्नात्मने नमः।
41 ॐ प्राज्ञाय नमः।
42 ॐ बल सिद्धिकराय नमः।
43 ॐ बालार्कसद्रशाननाय नमः।
44 ॐ ब्रह्मास्त्र निवारकाय नमः।
45 ॐ भविष्यथ्चतुराननाय नमः।
46 ॐ भीमसेन सहायकृते नमः।
47 ॐ मनोजवाय नमः।
48 ॐ महाकायाय नमः।
49 ॐ महातपसे नमः।
50 ॐ महातेजसे नमः।
51 ॐ महाद्युतये नमः।
52 ॐ महाबल पराक्रमाय नमः।
53 ॐ महारावण मर्दनाय नमः।
54 ॐ महावीराय नमः।
55 ॐ मायात्मने नमः।
56 ॐ मारुतात्मजाय नमः।
57 ॐ योगिने नमः।
58 ॐ रक्षोविध्वंसकारकाय नमः।
59 ॐ रत्नकुण्डल दीप्तिमते नमः।
60 ॐ रामकथा लोलाय नमः।
61 ॐ रामचूडामणिप्रदायकाय नमः।
62 ॐ रामदूताय नमः।
63 ॐ रामभक्ताय नमः।
64 ॐ रामसुग्रीव सन्धात्रे नमः।
65 ॐ रुद्र वीर्य समुद्भवाय नमः।
66 ॐ लक्ष्मणप्राणदात्रे नमः।
67 ॐ लङ्कापुर विदायकाय नमः।
68 ॐ लन्किनी भञ्जनाय नमः।
69 ॐ लोकपूज्याय नमः।
70 ॐ वज्रकायाय नमः।
71 ॐ वज्रदेहाय नमः।
72 ॐ वज्रनखाय नमः।
73 ॐ वागधीशाय नमः।
74 ॐ वाग्मिने नमः।
75 ॐ वानराय नमः।
76 ॐ वार्धिमैनाक पूजिताय नमः।
77 ॐ जितेन्द्रियाय नमः।
78 ॐ विभीषण प्रियकराय नमः।
79 ॐ शतकन्टमुदापहर्त्रे नमः।
80 ॐ शरपञ्जर भेदकाय नमः।
81 ॐ शान्ताय नमः।
82 ॐ शूराय नमः।
83 ॐ शृन्खला बन्धमोचकाय नमः।
84 ॐ श्री राम हृदयस्थाये नमः
85 ॐ श्रीमते नमः।
86 ॐ संजीवननगायार्था नमः।
87 ॐ सर्वग्रहबाधा विनाशिने नमः।
88 ॐ सर्वतन्त्र स्वरूपिणे नमः।
89 ॐ सर्वदुखः हराय नमः।
90 ॐ सर्वबन्धविमोक्त्रे नमः।
91 ॐ सर्वमन्त्र स्वरूपवते नमः।
92 ॐ सर्वमायाविभंजनाय नमः।
93 ॐ सर्वयन्त्रात्मकाय नमः।
94 ॐ सर्वरोगहराय नमः।
95 ॐ सर्वलोकचारिणे नमः।
96 ॐ सर्वविद्या सम्पत्तिप्रदायकाय नमः।
97 ॐ सागरोत्तारकाय नमः।
98 ॐ सिंहिकाप्राण भञ्जनाय नमः।
99 ॐ सीतादेविमुद्राप्रदायकाय नमः।
100 ॐ सीतान्वेषण पण्डिताय नमः।
101 ॐ सीताशोक निवारकाय नमः।
102 ॐ सीतासमेत श्रीरामपाद सेवदुरन्धराय नमः।
103 ॐ सुग्रीव सचिवाय नमः।
104 ॐ सुचये नमः।
105 ॐ सुरार्चिताय नमः।
106 ॐ स्फटिकाभाय नमः।
107 ॐ हनूमते नमः।
108 ॐ हरिमर्कट मर्कटाय नमः।
इन नामों का उच्चारण करें नमः के साथ चावल, सिंदूर,पुष्प,जल अर्पित करें ।
21 सितंबर 2025
सर्व विध रक्षा हेतु हनुमान शाबरमंत्र
सर्व विध रक्षा हेतु हनुमान शाबरमंत्र
· इस शाबर मंत्र को किसी शुभ दिन जैसे ग्रहण, होली, रवि पुष्य योग, गुरु पुष्य योग मे1008 बार जप कर सिद्ध कर ले ।
· इस मंत्र का जाप आप एकांत/हनुमान मंदिर/अपने घर मे करें |
· हनुमान जी का विधी विधान से पुजन करके 11 लड्डुओ का भोग लगा कर जप शुरू कर दे । जप समाप्त होने पर हनुमान जी को प्रणाम करे | त्रुटियों के लिए क्षमा प्रार्थना कर लें |
· जब भी आप कोई साधना करे |तो मात्र 7 बार इस मंत्र का जाप करके रक्षा घेरा बनाने से स्वयं हनुमान जी रक्षा करते है ।
· इस मंत्र का 7 बार जप कर के ताली बजा देने से भी पूर्ण तरह से रक्षाहोती है ।
इस मंत्र को सिद्ध करने के बाद रोज इस मंत्र की 1 माला जाप करने पर इसका तेज बढ़ता जाता है और टोना जादु साधक पर असर नही करते ।
मंत्र :-
॥ ओम नमो वज्र का कोठा, जिसमे पिंण्ड हमारा पैठा,
ईश्वर कुंजी ब्रम्हा का ताला, मेरे आठो अंग का
यति हनुमंत वज्र वीर रखवाला ।
11 अप्रैल 2025
श्री हनुमान सरल हवन विधि
- पहले एक हवन कुंड या पात्र में लकडियां जमायें.
- अब उसमें "आं अग्नये नमः" मंत्र बोलते हुए आग लगायें.
- ७ बार "ॐ अग्नये स्वाहा" मंत्र से आहुति डालें.
- ३ बार "ॐ गं गणपतये स्वाहा" मंत्र से आहुति डालें.
- ३ बार "ॐ भ्रं भैरवाय स्वाहा" मंत्र से आहुति डालें.
- २१ बार "ॐ परम तत्वाय नारायणाय गुरुभ्यो नमः स्वाहा" मंत्र से आहुति डालें.
- 11 बार "ॐ जानकी वल्लभाय स्वाहा" मंत्र से आहुति डालें.
- अब जिस हनुमान मन्त्र का जाप कर रहे थे उस मन्त्र से स्वाहा लगाकर १०८ बार आहुति डालें.
- अंत में अपने दोनों कान पकडकर गलतियों के लिये क्षमा मांगे.
श्री हनुमान सरल हवन विधि
8 अप्रैल 2025
साधना मे रक्षा हेतु हनुमान शाबरमंत्र
साधना मे रक्षा हेतु हनुमान शाबरमंत्र
· इस शाबर मंत्र को किसी शुभ दिन जैसे ग्रहण, होली, रवि पुष्य योग, गुरु पुष्य योग मे1008 बार जप कर सिद्ध कर ले ।
· इस मंत्र का जाप आप एकांत/हनुमान मंदिर/अपने घर मे करें |
· हनुमान जी का विधी विधान से पुजन करके 11 लड्डुओ का भोग लगा कर जप शुरू कर दे । जप समाप्त होने पर हनुमान जी को प्रणाम करे | त्रुटियों के लिए क्षमा प्रार्थना कर लें |
· जब भी आप कोई साधना करे |तो मात्र 7 बार इस मंत्र का जाप करके रक्षा घेरा बनाने से स्वयं हनुमान जी रक्षा करते है ।
· इस मंत्र का 7 बार जप कर के ताली बजा देने से भी पूर्ण तरह से रक्षाहोती है ।
इस मंत्र को सिद्ध करने के बाद रोज इस मंत्र की 1 माला जाप करने पर इसका तेज बढ़ता जाता है और टोना जादु साधक पर असर नही करते ।
मंत्र :-
॥ ओम नमो वज्र का कोठा,
जिसमे पिंण्ड हमारा पैठा,
ईश्वर कुंजी ब्रम्हा का ताला,
मेरे आठो अंग का,
यति हनुमंत वज्र वीर रखवाला ।
7 अप्रैल 2025
हनुमान चालीसा से बनायें रक्षा कवच
हनुमान चालीसा से बनायें रक्षा कवच
हनुमान चालीसा एक बेहद लोकप्रिय उपाय है जो बहुत सारे लोग प्रयोग में लाते हैं ।
इसकी भाषा सरल है इसलिए कोई भी इसका प्रयोग कर सकता है ।
हनुमान जी अमर है ! चिरंजीवी है !!
इसलिए उनकी उपस्थिति आज भी पृथ्वी पर महसूस की जाती है ।
रक्षा कवच
हनुमान चालीसा को रक्षा कवच के रूप में भी उपयोग किया जा सकता है ।
इसके लिए एक छोटे आकार की हनुमान चालीसा ले लें । उसे रखने लायक गेरुए कलर का कपड़ा ले लें जिसमे आप उसे लपेट कर रख सकें या उससे छोटा पॉकेट जैसा बना लें ।
हनुमान जयंती से या किसी भी पूर्णिमा के दिन से प्रारंभ करें और उस हनुमान चालीसा के 11 पाठ रोज करें , ऐसा अगली पूर्णिमा तक करें यानी कुल मिलाकर लगभग 30 दिनों तक आपका पाठ होगा । पाठ हो जाने के बाद उसे उस कपड़े या पॉकेट में बंद करके रख ले । उसे इस प्रकार से रखें कि कोई दूसरा व्यक्ति उसे स्पर्श ना कर सके । यानी आपको 30 दिनों तक उसे दूसरों से छुपा कर रखना है ॥
पूर्णिमा से पूर्णिमा तक पाठ कर लेने के बाद आप उस हनुमान चालीसा को उस कपड़े में लपेटकर हमेशा अपने साथ रखें तथा नित्य एक बार हनुमान चालीसा का पाठ करें जिससे आपको सभी प्रकार के बाधाओं में हनुमान जी की कृपा से रक्षा प्राप्त होगी ।
6 अप्रैल 2025
हनुमान जी पर चोला चढ़ाने की सरल विधि
हनुमान जी पर चोला चढ़ाने की सरल विधि

- हनुमान जी पर सिन्दूर घोलकर लेप करने को चोला चढाना कहते हैं .
- हनुमान जी पर चोला चढाने के लिये सिन्दूर को तेल में घोलकर पूरी मूर्ति पर लेप किया जाता है.
- लेप करने के बाद उनके चरणों से सिन्दूर लेकर अपने माथे तथा हृदय पर लगाना चाहिये.कम से कम एक बार हनुमान चालीसा का पाठ अवश्य करें.
- यदि संभव हो तो सुंदर कांड का पाठ भी लाभदायक रहेगा.
- चोला चढाने से पहले कम से कम एक दिन का ब्रह्मचर्य जरूर रखें. चोला चढाने के बाद कम से कम एक दिन सात्विक आहार आचार व्यवहार रखें तो ज्यादा लाभ होगा.
साथ में बंदरों को चने या उनके पसंद की कोई सामग्री खिलाना भी लाभ प्रद होगा.
दुर्घटना और आपदा से बचाव : हनुमान यंत्र
5 अप्रैल 2025
हनुमान जी के 108 नाम
हनुमान जी के 108 नाम
1 ॐ अक्षहन्त्रे नमः।
2 ॐ अन्जनागर्भ सम्भूताय नमः।
3 ॐ अशोकवनकाच्छेत्रे नमः।
4 ॐ आञ्जनेयाय नमः।
5 ॐ कपिसेनानायकाय नमः।
6 ॐ कपीश्वराय नमः।
7 ॐ कबळीकृत मार्ताण्डमण्डलाय नमः।
8 ॐ काञ्चनाभाय नमः।
9 ॐ कामरूपिणे नमः।
10 ॐ काराग्रह विमोक्त्रे नमः।
11 ॐ कालनेमि प्रमथनाय नमः।
12 ॐ कुमार ब्रह्मचारिणे नमः।
13 ॐ केसरीसुताय नमः।
14 ॐ गन्धमादन शैलस्थाय नमः।
15 ॐ गन्धर्व विद्यातत्वज्ञाय नमः।
16 ॐ चञ्चलाय नमः।
17 ॐ चतुर्बाहवे नमः।
18 ॐ चिरञ्जीविने नमः।
19 ॐ जाम्बवत्प्रीतिवर्धनाय नमः।
20 ॐ तत्वज्ञानप्रदाय नमः।
21 ॐ दशग्रीव कुलान्तकाय नमः।
22 ॐ दशबाहवे नमः।
23 ॐ दान्ताय नमः।
24 ॐ दीनबन्धुराय नमः।
25 ॐ दृढव्रताय नमः।
26 ॐ दैत्यकार्य विघातकाय नमः।
27 ॐ दैत्यकुलान्तकाय नमः।
28 ॐ धीराय नमः।
29 ॐ नवव्याकृतपण्डिताय नमः।
30 ॐ पञ्चवक्त्राय नमः।
31 ॐ परमन्त्र निराकर्त्रे नमः।
32 ॐ परयन्त्र प्रभेदकाय नमः।
33 ॐ परविद्या परिहाराय नमः।
34 ॐ परशौर्य विनाशनाय नमः।
35 ॐ पारिजात द्रुमूलस्थाय नमः।
36 ॐ पार्थ ध्वजाग्रसंवासिने नमः।
37 ॐ पिङ्गलाक्षाय नमः।
38 ॐ प्रतापवते नमः।
39 ॐ प्रभवे नमः।
40 ॐ प्रसन्नात्मने नमः।
41 ॐ प्राज्ञाय नमः।
42 ॐ बल सिद्धिकराय नमः।
43 ॐ बालार्कसद्रशाननाय नमः।
44 ॐ ब्रह्मास्त्र निवारकाय नमः।
45 ॐ भविष्यथ्चतुराननाय नमः।
46 ॐ भीमसेन सहायकृते नमः।
47 ॐ मनोजवाय नमः।
48 ॐ महाकायाय नमः।
49 ॐ महातपसे नमः।
50 ॐ महातेजसे नमः।
51 ॐ महाद्युतये नमः।
52 ॐ महाबल पराक्रमाय नमः।
53 ॐ महारावण मर्दनाय नमः।
54 ॐ महावीराय नमः।
55 ॐ मायात्मने नमः।
56 ॐ मारुतात्मजाय नमः।
57 ॐ योगिने नमः।
58 ॐ रक्षोविध्वंसकारकाय नमः।
59 ॐ रत्नकुण्डल दीप्तिमते नमः।
60 ॐ रामकथा लोलाय नमः।
61 ॐ रामचूडामणिप्रदायकाय नमः।
62 ॐ रामदूताय नमः।
63 ॐ रामभक्ताय नमः।
64 ॐ रामसुग्रीव सन्धात्रे नमः।
65 ॐ रुद्र वीर्य समुद्भवाय नमः।
66 ॐ लक्ष्मणप्राणदात्रे नमः।
67 ॐ लङ्कापुर विदायकाय नमः।
68 ॐ लन्किनी भञ्जनाय नमः।
69 ॐ लोकपूज्याय नमः।
70 ॐ वज्रकायाय नमः।
71 ॐ वज्रदेहाय नमः।
72 ॐ वज्रनखाय नमः।
73 ॐ वागधीशाय नमः।
74 ॐ वाग्मिने नमः।
75 ॐ वानराय नमः।
76 ॐ वार्धिमैनाक पूजिताय नमः।
77 ॐ जितेन्द्रियाय नमः।
78 ॐ विभीषण प्रियकराय नमः।
79 ॐ शतकन्टमुदापहर्त्रे नमः।
80 ॐ शरपञ्जर भेदकाय नमः।
81 ॐ शान्ताय नमः।
82 ॐ शूराय नमः।
83 ॐ शृन्खला बन्धमोचकाय नमः।
84 ॐ श्री राम हृदयस्थाये नमः
85 ॐ श्रीमते नमः।
86 ॐ संजीवननगायार्था नमः।
87 ॐ सर्वग्रहबाधा विनाशिने नमः।
88 ॐ सर्वतन्त्र स्वरूपिणे नमः।
89 ॐ सर्वदुखः हराय नमः।
90 ॐ सर्वबन्धविमोक्त्रे नमः।
91 ॐ सर्वमन्त्र स्वरूपवते नमः।
92 ॐ सर्वमायाविभंजनाय नमः।
93 ॐ सर्वयन्त्रात्मकाय नमः।
94 ॐ सर्वरोगहराय नमः।
95 ॐ सर्वलोकचारिणे नमः।
96 ॐ सर्वविद्या सम्पत्तिप्रदायकाय नमः।
97 ॐ सागरोत्तारकाय नमः।
98 ॐ सिंहिकाप्राण भञ्जनाय नमः।
99 ॐ सीतादेविमुद्राप्रदायकाय नमः।
100 ॐ सीतान्वेषण पण्डिताय नमः।
101 ॐ सीताशोक निवारकाय नमः।
102 ॐ सीतासमेत श्रीरामपाद सेवदुरन्धराय नमः।
103 ॐ सुग्रीव सचिवाय नमः।
104 ॐ सुचये नमः।
105 ॐ सुरार्चिताय नमः।
106 ॐ स्फटिकाभाय नमः।
107 ॐ हनूमते नमः।
108 ॐ हरिमर्कट मर्कटाय नमः।
इन नामों का उच्चारण करें नमः के साथ चावल, सिंदूर,पुष्प,जल अर्पित करें ।
26 नवंबर 2024
हनुमान जी के 108 नाम
हनुमान जी के 108 नाम
1 ॐ अक्षहन्त्रे नमः।
2 ॐ अन्जनागर्भ सम्भूताय नमः।
3 ॐ अशोकवनकाच्छेत्रे नमः।
4 ॐ आञ्जनेयाय नमः।
5 ॐ कपिसेनानायकाय नमः।
6 ॐ कपीश्वराय नमः।
7 ॐ कबळीकृत मार्ताण्डमण्डलाय नमः।
8 ॐ काञ्चनाभाय नमः।
9 ॐ कामरूपिणे नमः।
10 ॐ काराग्रह विमोक्त्रे नमः।
11 ॐ कालनेमि प्रमथनाय नमः।
12 ॐ कुमार ब्रह्मचारिणे नमः।
13 ॐ केसरीसुताय नमः।
14 ॐ गन्धमादन शैलस्थाय नमः।
15 ॐ गन्धर्व विद्यातत्वज्ञाय नमः।
16 ॐ चञ्चलाय नमः।
17 ॐ चतुर्बाहवे नमः।
18 ॐ चिरञ्जीविने नमः।
19 ॐ जाम्बवत्प्रीतिवर्धनाय नमः।
20 ॐ तत्वज्ञानप्रदाय नमः।
21 ॐ दशग्रीव कुलान्तकाय नमः।
22 ॐ दशबाहवे नमः।
23 ॐ दान्ताय नमः।
24 ॐ दीनबन्धुराय नमः।
25 ॐ दृढव्रताय नमः।
26 ॐ दैत्यकार्य विघातकाय नमः।
27 ॐ दैत्यकुलान्तकाय नमः।
28 ॐ धीराय नमः।
29 ॐ नवव्याकृतपण्डिताय नमः।
30 ॐ पञ्चवक्त्राय नमः।
31 ॐ परमन्त्र निराकर्त्रे नमः।
32 ॐ परयन्त्र प्रभेदकाय नमः।
33 ॐ परविद्या परिहाराय नमः।
34 ॐ परशौर्य विनाशनाय नमः।
35 ॐ पारिजात द्रुमूलस्थाय नमः।
36 ॐ पार्थ ध्वजाग्रसंवासिने नमः।
37 ॐ पिङ्गलाक्षाय नमः।
38 ॐ प्रतापवते नमः।
39 ॐ प्रभवे नमः।
40 ॐ प्रसन्नात्मने नमः।
41 ॐ प्राज्ञाय नमः।
42 ॐ बल सिद्धिकराय नमः।
43 ॐ बालार्कसद्रशाननाय नमः।
44 ॐ ब्रह्मास्त्र निवारकाय नमः।
45 ॐ भविष्यथ्चतुराननाय नमः।
46 ॐ भीमसेन सहायकृते नमः।
47 ॐ मनोजवाय नमः।
48 ॐ महाकायाय नमः।
49 ॐ महातपसे नमः।
50 ॐ महातेजसे नमः।
51 ॐ महाद्युतये नमः।
52 ॐ महाबल पराक्रमाय नमः।
53 ॐ महारावण मर्दनाय नमः।
54 ॐ महावीराय नमः।
55 ॐ मायात्मने नमः।
56 ॐ मारुतात्मजाय नमः।
57 ॐ योगिने नमः।
58 ॐ रक्षोविध्वंसकारकाय नमः।
59 ॐ रत्नकुण्डल दीप्तिमते नमः।
60 ॐ रामकथा लोलाय नमः।
61 ॐ रामचूडामणिप्रदायकाय नमः।
62 ॐ रामदूताय नमः।
63 ॐ रामभक्ताय नमः।
64 ॐ रामसुग्रीव सन्धात्रे नमः।
65 ॐ रुद्र वीर्य समुद्भवाय नमः।
66 ॐ लक्ष्मणप्राणदात्रे नमः।
67 ॐ लङ्कापुर विदायकाय नमः।
68 ॐ लन्किनी भञ्जनाय नमः।
69 ॐ लोकपूज्याय नमः।
70 ॐ वज्रकायाय नमः।
71 ॐ वज्रदेहाय नमः।
72 ॐ वज्रनखाय नमः।
73 ॐ वागधीशाय नमः।
74 ॐ वाग्मिने नमः।
75 ॐ वानराय नमः।
76 ॐ वार्धिमैनाक पूजिताय नमः।
77 ॐ जितेन्द्रियाय नमः।
78 ॐ विभीषण प्रियकराय नमः।
79 ॐ शतकन्टमुदापहर्त्रे नमः।
80 ॐ शरपञ्जर भेदकाय नमः।
81 ॐ शान्ताय नमः।
82 ॐ शूराय नमः।
83 ॐ शृन्खला बन्धमोचकाय नमः।
84 ॐ श्री राम हृदयस्थाये नमः
85 ॐ श्रीमते नमः।
86 ॐ संजीवननगायार्था नमः।
87 ॐ सर्वग्रहबाधा विनाशिने नमः।
88 ॐ सर्वतन्त्र स्वरूपिणे नमः।
89 ॐ सर्वदुखः हराय नमः।
90 ॐ सर्वबन्धविमोक्त्रे नमः।
91 ॐ सर्वमन्त्र स्वरूपवते नमः।
92 ॐ सर्वमायाविभंजनाय नमः।
93 ॐ सर्वयन्त्रात्मकाय नमः।
94 ॐ सर्वरोगहराय नमः।
95 ॐ सर्वलोकचारिणे नमः।
96 ॐ सर्वविद्या सम्पत्तिप्रदायकाय नमः।
97 ॐ सागरोत्तारकाय नमः।
98 ॐ सिंहिकाप्राण भञ्जनाय नमः।
99 ॐ सीतादेविमुद्राप्रदायकाय नमः।
100 ॐ सीतान्वेषण पण्डिताय नमः।
101 ॐ सीताशोक निवारकाय नमः।
102 ॐ सीतासमेत श्रीरामपाद सेवदुरन्धराय नमः।
103 ॐ सुग्रीव सचिवाय नमः।
104 ॐ सुचये नमः।
105 ॐ सुरार्चिताय नमः।
106 ॐ स्फटिकाभाय नमः।
107 ॐ हनूमते नमः।
108 ॐ हरिमर्कट मर्कटाय नमः।
इन नामों का उच्चारण करें नमः के साथ चावल, सिंदूर,पुष्प,जल अर्पित करें ।
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हनुमान यंत्र : रोड एक्सीडेंट आदि मे सुरक्षा हेतु
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हनुमान जी पर चोला चढ़ाने की सरल विधि
हनुमान जी पर चोला चढ़ाने की सरल विधि

- हनुमान जी पर सिन्दूर घोलकर लेप करने को चोला चढाना कहते हैं .
- हनुमान जी पर चोला चढाने के लिये सिन्दूर को तेल में घोलकर पूरी मूर्ति पर लेप किया जाता है.
- लेप करने के बाद उनके चरणों से सिन्दूर लेकर अपने माथे तथा हृदय पर लगाना चाहिये.कम से कम एक बार हनुमान चालीसा का पाठ अवश्य करें.
- यदि संभव हो तो सुंदर कांड का पाठ भी लाभदायक रहेगा.
- चोला चढाने से पहले कम से कम एक दिन का ब्रह्मचर्य जरूर रखें. चोला चढाने के बाद कम से कम एक दिन सात्विक आहार आचार व्यवहार रखें तो ज्यादा लाभ होगा.
साथ में बंदरों को चने या उनके पसंद की कोई सामग्री खिलाना भी लाभ प्रद होगा.
18 अप्रैल 2024
तान्त्रिक बीज मन्त्र युक्त हनुमान साधना
तान्त्रिक बीज मन्त्र युक्त हनुमान साधना










