एक प्रयास सनातन धर्म[Sanatan Dharma] के महासमुद्र मे गोता लगाने का.....कुछ रहस्यमयी शक्तियों [shakti] से साक्षात्कार करने का.....गुरुदेव Dr. Narayan Dutt Shrimali Ji [ Nikhileswaranand Ji] की कृपा से प्राप्त Mantra Tantra Yantra विद्याओं को समझने का...... Kali, Sri Yantra, Laxmi,Shiv,Kundalini, Kamkala Kali, Tripur Sundari, Maha Tara ,Tantra Sar Samuchhay , Mantra Maharnav, Mahakal Samhita, Devi,Devata,Yakshini,Apsara,Tantra, Shabar Mantra, जैसी गूढ़ विद्याओ को सीखने का....
Disclaimer
10 अक्टूबर 2026
तंत्र साधनाओं के लिए गुरु दीक्षा कैसे प्राप्त करें ?
मैंने देवी देवताओं तथा उनकी मंत्र साधना से संबन्धित कई लेख प्रकाशित किए हैं । जिन्हे पढ़कर कई पाठकों और पाठिकाओं ने साधना की है या करने की इच्छा व्यक्त की है । मैंने जो विधियाँ प्रकाशित की हैं, वे सरल हैं और उन्हे किसी भी आयु का स्त्री या पुरुष जो सनातन धर्म मे आस्था रखता हो वह सम्पन्न कर सकता है ।
साधना के मार्ग मे गुरु दीक्षा का बड़ा महत्व होता है । गुरु की देह को गुरु मानने की गलती हम सभी कर बैठते हैं । वास्तव में गुरु के अंदर जो भगवान शिव का ज्ञान या जो शिव तत्व होता है, वही वास्तविक गुरु होता है । तंत्र के अधिपति भगवान शिव सभी साधनाओं के मूल हैं और वही मंत्रों और साधनाओं को शक्ति और चैतन्यता प्रदान करते हैं ।
इसे मैं एक सरल उदाहरण से समझाऊं तो मान लीजिए कि आप अपने घर में एक ट्यूबलाइट जलाना चाहते हैं । इसके दो तरीके हो सकते हैं । पहला तो यह कि आप अपना खुद का बिजली पैदा करने का कोई यंत्र या जनरेटर बना ले और उससे ट्यूबलाइट को जोड़ दें तो ट्यूब लाइट जलने लगेगी । खुद से मंत्र जाप करना कुछ कुछ वैसा ही है । जैसे-जैसे आप जाप करते जाते हैं धीरे-धीरे आपके अंदर ऊर्जा बनने लगती है या आपका खुद का जनरेटर चालू होने लगता है । जब उसकी बिजली पर्याप्त हो जाती है, तब ट्यूब लाइट जलता है ।
दूसरा तरीका यह है कि जो बिजली की सप्लाई लाइन आपके इलाके में आई हुई है, उसके तार से अपने घर में एक कनेक्शन ले ले । उस कनेक्शन के माध्यम से ट्यूबलाइट को जोड़ दें, तब भी वह ट्यूबलाइट चल जाएगी । गुरु दीक्षा कुछ-कुछ वैसा ही कनेक्शन है, जो आपकी ट्यूबलाइट को जल्दी चालू कर सकता है ।
जब आप किसी गुरु से दीक्षा लेते हैं, जो कि स्वयं सिद्ध हो, तो उसकी जो गुरु परंपरा होती है, वह पीछे की ओर जाने पर भगवान शिव से जाकर मिलती है । यानी यह समझ लीजिए कि मेन पावर स्टेशन पर जाकर मिलती है, जहां से सभी साधनाओं का प्रारंभ होता है । जब यह लिंक दीक्षा के माध्यम से जुड़ती है तो आपके अंदर जो शिव तत्व है, जो आपके मस्तिष्क के दोनों हिस्सों के बीच में लगभग लिंग आकार स्वरूप में स्थित होता है, उसकी चैतन्यता बढ़ती है । उसी के माध्यम से मंत्रों की शक्ति जागृत होती है और आपको अपना अभीष्ट प्राप्त होता है ।
अब मन मे यह सवाल उठता है कि दीक्षा कैसे प्राप्त करें ?
सबसे बढ़िया स्थिति तो यह है कि आप गुरु के पास जाकर दीक्षा प्राप्त करें !
उनके पास व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हो और उनसे निवेदन करके अपनी इच्छित दीक्षा प्राप्त करें !!
इसके लिए आप भोपाल मध्य प्रदेश जा सकते हैं, और गुरु माता डॉ. साधना सिंह जी से दीक्षा प्राप्त कर सकते हैं ।
B-81,B-82
न्यू मिनाल रेजीडेंसी
जे. के. रोड , भोपाल [म.प्र.]
नवरात्रि के विषय में सामान्य प्रश्न/जिज्ञासाएं और उनके उत्तर
नवरात्रि के विषय में सामान्य प्रश्न/जिज्ञासाएं और उनके उत्तर
सबसे पहले आप सभी को महामाया के नवरात्रि शक्ति पर्व की शुभकामनाएं
शक्ति पर्व साधनाओं के माध्यम से शक्ति अर्जित करने का पर्व है ।
इस अवसर पर साधनाएं और मंत्र जाप अवश्य करें ।.
इस विषय पर मेरे द्वारा प्रतिलिपि पर बहुत सारी विधियाँ प्रकाशित हैं ।. आप उनमे से किसी भी एक का प्रयोग कर सकते हैं .
अगर आप काम की अधिकता , अस्वस्थता या स्थानाभाव के कारण पूजा स्थान मे बैठकर नहीं कर पा रहे हैं तो महाकाली के बीज मंत्र
"क्रीं "
( उचाचारण होगा क्रीम /kreem )
का चलते फिरते , उठते बैठते लेटते, सभी अवस्थाओं मे मानसिक जाप करके भी महामाया की कृपा प्राप्त कर सकते हैं।
सामान्य प्रश्न/जिज्ञासाएं और उनके उत्तर
क्या मैं नवरात्रि में देवी का मंत्र जाप कर सकता/सकती हूँ ?
हाँ ! अगर आपकी देवी पर आस्था और विश्वास है तो आप कर सकते हैं . स्त्री पुरुष दोनों मंत्र जाप कर सकते हैं . बच्चे अपने माता पिता की अनुमति और जानकारी में ही मंत्र जाप करें .
क्या मंत्र जाप के लिए गुरु आवश्यक है ?
हाँ ! मंत्र जाप से आपके शरीर में ऊर्जा बनती है उसे नियंत्रित करने के लिए गुरु की आवश्यकता पड़ती है . यह विशेष रूप से तब आवश्यक है जब आप सवा लाख या अधिक मंत्र जाप का अनुष्ठान कर रहे हों .
यदि आप एकाध माला रोज कर रहे हैं तो आप बिना गुरु के भी मंत्र जाप कर सकते हैं .
स्तोत्र पाठ और शतनाम सहस्रनाम का पाठ आप बिना गुरु के भी कर सकते हैं .
अगर जाप से शरीर में बहुत ज्यादा गर्मी या बेचैनी जैसा आभास हो तो समझ जाइएगा कि आपका शरीर उतनी ऊर्जा सहन नहीं कर पा रहा है , तब जप या पाठ की संख्या कम कर लेंगे . धीरे धीरे संख्या बढ़ा सकते हैं .
मै गुरु दीक्षा कैसे ले सकता हूँ ?
आप भोपाल जाकर गुरुमाता डॉ साधना सिंह जी से दीक्षा ले सकते हैं । यदि वहाँ जाने मे असमर्थ हैं तो फोटो के माध्यम से भी दीक्षा ले सकते हैं । इसके विषय मे जानकारी के लिए आप चाहें तो मुझे इस नंबर पर व्हात्सप्प कर सकते हैं ।
मैं एक स्त्री हूँ मेरा मासिक नवरात्री के बीच में आ रहा है , क्या इससे मेरी साधना खंडित हो जाएगी ? मैं क्या करू?
विश्व विख्यात मंत्र तंत्र विशेषज्ञ पूज्यपाद गुरुदेव डा नारायण दत्त श्रीमाली जी के द्वारा जो निर्देश हमें मिलते थे उसके अनुसार "अगर जाप शुरू करने के बाद मासिक आ जाए तो आप पूजा स्थान में बैठकर जाप करना रोक लें, मासिक पूरा हो जाने के बाद उसे कंटीन्यू कर सकते हैं ऐसे में साधना खंडित नहीं मानी जायेगी .
क्या मैं सुबह महाविद्या भुवनेश्वरी और रात में महाविद्या महाकाली साधना कर सकता/सकती हूँ ?
बहुत सारे मंत्र या पूजन करने की बजाय एक ही मंत्र या स्तोत्र को ज्यादा से ज्यादा बार करें । हर देवी या देवता सब कुछ देने मे समर्थ है., तभी तो वह देवता या देवी है ।
अगर जाप के दौरान कुछ गलती हो गयी तो क्या मातारानी मुझे सजा देगी और उससे मेरा नुकसान हो जाएगा ?
कोई नन्हा बच्चा अपनी माँ को बुलाने के लिए किसी भी शब्द या क्रिया का इस्तेमाल करे माता उसे समझ जाती है और उसकी आवश्यकता की पूर्ती कर देती है . जगदम्बा सम्पूर्ण विश्व की माँ हैं . वे ममत्व और वात्सल्य की अंतिम सीमा हैं . वे अपनी साधना करने वाले किसी साधक साधिका को नुकसान पहुंचा ही नहीं सकती . इसलिए इस प्रकार के बेवजह के डर को अपने दिमाग से निकाल दीजिये . स्वयं को महामाया का नन्हा शिशु मानकर मन्त्र जाप करिये वे अवश्य सुनेंगी .
क्या मंत्र जाप करने से सम्बंधित देवी/देवता मेरे सामने प्रकट हो जायेंगे ?
सामान्य शब्दों में कहूँ तो यह वैसी ही बात है जैसे पैदल चलने वाला व्यक्ति चाँद पर पहुँचने की बात करे . चाँद पर पहुँचने के लिए आपको शारीरिक रूप से फिट होना पड़ता है ! बेहद कठोर ट्रेनिंग होती है ! इसमें महीनों या सालों का समय लगता है . फिर एक अत्यंत उच्च तकनीक वाला रॉकेट होता है जिसमे बैठकर आप चाँद पर पहुँचते हैं ! विशेष स्पेस सूट पहनकर ही आप चाँद को स्पर्श कर सकते हैं ! उसपर चल सकते हैं !
ठीक वैसे ही साधना के रस्ते पर आपको कई वर्षों की कठोर साधना करनी होगी . उच्च कोटि के गुरु के सानिध्य में ट्रेनिंग लेनी होगी , अपनी आध्यात्मिक ऊर्जा को उच्चतम स्तर पर पहुंचाना होगा, अपने शरीर को जागृत करके उस लायक बनाना होगा तब देवी देवता का दर्शन संभव है .
हम सामान्य गृहस्थ हैं, हम उतनी ज्यादा साधना नहीं करते इसलिए उच्च स्तर की देवी ऊर्जा को सहन भी नहीं कर सकते हैं . देवी शक्तियां हमें प्रत्यक्ष नहीं दिखाई देतीं . वे स्वप्न में आभास देती हैं . कभी विचित्र गंध आपके पूजन कक्ष में आएगी . कभी घुंघरू जैसी ध्वनि सुनाई देगी . ऐसा होगा तो आपको समझना है कि कोई देवीय शक्ति आपसे प्रसंन्न होकर उपस्थित हुई है . ऐसे में उनको प्रणाम कर लेना चाहिये और उनसे कृपा का निवेदन करना चाहिए . इस प्रकार के आभास नवरात्री में विशेष रूप से होते हैं .....
मैं कैसे समझूँ कि मेरी साधना या मंत्र जाप सफल हुआ है ?
मंत्र जाप की सफलता के लक्षण :-
आपका मनोवांछित कार्य पूरा होगा या उसमे अनुकूलता मिलेगी .
आपको आतंरिक शांति का अनुभव होगा .
आपके अनावश्यक खर्चे कम होने लगेंगे .
आप और परिवार में अन्य सदस्य बार बार बीमार नहीं पड़ेंगे .
पारिवारिक कलह जैसे पति/पत्नी के झगडे कम होने लगेंगे .
घर में सकारात्मक ऊर्जा का आभास होगा .
मन्त्र जाप करते समय मुझे जम्हाई /नींद आती है ऐसा क्यों ?
हमारे आसपास की नकारात्मक शक्तियों और हमारे अपने आलस्य की वजह से मंत्र जाप शुरू करने पर कुछ समय तक सभी साधकों के साथ ऐसा होता है . जो धीरे धीरे कम होता जायेगा . अपने पास एक गिलास में पानी रखकर बीच बीच में उसके छींटे मारते रहें तो काफी लाभ मिलेगा .
एक दिन में या पंद्रह दिन में साधना सिद्ध हो सकती है क्या ?
ऐसा कुछ नहीं है . जैसे जैसे मंत्र जाप की संख्या बढ़ती जाती है आपका मंत्र जागृत और चैतन्य होने लगता है और धीरे धीरे कुछ सालों में आपको वह स्थिति प्राप्त होने लगती है जब आप उस मंत्र के माध्यम से अपने अभीष्ट कार्य संपंन्न कर सकते हैं .
दूसरों के कार्य करने के लिए मैं अपनी सिद्धियों का प्रयोग कैसे कर सकता हूँ ?
जब आप तीन से पांच लाख की संख्या में मंत्र जाप कर लेते हैं तो आप उस मंत्र की सहायता से स्वयं के या दूसरों के काम कर सकते हैं . इसके साथ साथ आपकी शक्तियां भी कम होंगी . सामान्य भाषा में आपको समझाऊं तो मंत्र जाप को आप मोबाइल के बैटरी चार्ज करने जैसा समझ लीजिये . सिंपल कालिंग होगा तो बैटरी ज्यादा लम्बे समय आपके काम आएगी . आप उसमे वीडियो चलाएंगे, बच्चे उसमे गेम खेलेंगे, दोस्त वीडियो कॉल करेगा तो बैटरी जल्दी ख़तम हो जायेगी . उसी प्रकार जब आप दूसरों का काम करेंगे तो आपकी साधना की ऊर्जा उस काम में लगेगी और आपकी ऊर्जा कम होती जाएगी . उसे रोज साधना के द्वारा रिचार्ज करते रहना पड़ेगा अन्यथा एक दिन बैटरी डेड हो जाएगी ......
उसके बाद ..... मेरा मतलब आप समझ ही गए होंगे .
दूसरों का काम गारंटी से करने का दावा करने वाले और अचानक प्रकट होने वाले विश्वविख्यात तांत्रिक और ज्योतिष बाबा इसी कारण से चार पांच साल बाद गुमनामी के अँधेरे में चले जाते हैं .... फिर उनको कोई नहीं पूछता .....
किसी का भी दोष निवारण करेंगे तो उसका कुछ अंशों मे दोष आपको भी झेलना ही पड़ेगा । यह बात दिमाग में स्पष्ट रखें कि ..... दूसरों का काम करने के लिए आपको नियमित साधना करनी ही होगी और संभव हो तो किसी दुसरे पूजा स्थान पर अपने नाम से अनुष्ठान आदि भी कराते रहना चाहिए . तभी आपकी शक्तियां आपके साथ लगातार बनी रहेंगी , आपके ऊपर आने वाले नकारात्मक प्रभाव का शमन भी होता रहेगा ।
14 जुलाई 2026
गुरुमाता डॉ. साधना सिंह : एक सिद्ध तंत्र गुरु
गुरुमाता डॉ. साधना सिंह : एक सिद्ध तंत्र गुरु
वात्सल्यमयी गुरुमाता डॉ. साधना सिंह जी महाविद्या बगलामुखी की प्रचंड , सिद्धहस्त साधिका हैं.
स्त्री कथावाचक और उपदेशक तो बहुत हैं पर तंत्र के क्षेत्र में स्त्री गुरु अत्यंत दुर्लभ हैं.
तंत्र के क्षेत्र में स्त्री गुरु का बहुत महत्व होता है.
माँ अपने शिशु को स्नेह और वात्सल्य के साथ जो कुछ भी देती है वह उसके लिए अनुकूल हो जाता है .
स्त्री गुरु मातृ स्वरूपा होने के कारण उनके द्वारा प्रदत्त मंत्र साधकों को सहज सफ़लता प्रदायक होते हैं. स्त्री गुरु द्वारा प्रदत्त मंत्र स्वयं में सिद्ध माने गये हैं.
वे एक योगाचार्य और विश्वविख्यात होम्यो पैथ भी हैं । उनके लेख वर्षों तक प्रतिष्ठित पत्रिका निरोगधाम में प्रकाशित होते रहे हैं । आप उनसे अपनी असाध्य बीमारियों पर भी सलाह एप्वाइंटमेंट लेकर ले सकते हैं।
मैने तंत्र साधनाओं की वास्तविकता और उनकी शक्तियों का अनुभव पूज्यपाद सदगुरुदेव स्वामी निखिलेश्वरानंद जी [डॉ. नारायण दत्त श्रीमाली जी ] तथा उनके बाद गुरुदेव स्वामी सुदर्शननाथ जी और गुरुमाता डॉ. साधना सिंह जी के सानिध्य में किया है ।
आप भी उनसे मिलकर प्रत्यक्ष मार्गदर्शन ले सकते हैं :-
जास्मीन - 429
न्यू मिनाल रेजीडेंसी
जे. के. रोड , भोपाल [म.प्र.]
दूरभाष : (0755)
4269368,4283681,4221116
वेबसाइट:-
www.namobaglamaa.org
यूट्यूब चेनल :-
https://www.youtube.com/@MahavidhyaSadhakPariwar
17 नवंबर 2025
गुरुमाता डॉ. साधना सिंह : एक सिद्ध तंत्र गुरु
गुरुमाता डॉ. साधना सिंह : एक सिद्ध तंत्र गुरु
वात्सल्यमयी गुरुमाता डॉ. साधना सिंह जी महाविद्या बगलामुखी की प्रचंड , सिद्धहस्त साधिका हैं.
स्त्री कथावाचक और उपदेशक तो बहुत हैं पर तंत्र के क्षेत्र में स्त्री गुरु अत्यंत दुर्लभ हैं.
तंत्र के क्षेत्र में स्त्री गुरु का बहुत महत्व होता है.
माँ अपने शिशु को स्नेह और वात्सल्य के साथ जो कुछ भी देती है वह उसके लिए अनुकूल हो जाता है .
स्त्री गुरु मातृ स्वरूपा होने के कारण उनके द्वारा प्रदत्त मंत्र साधकों को सहज सफ़लता प्रदायक होते हैं. स्त्री गुरु द्वारा प्रदत्त मंत्र स्वयं में सिद्ध माने गये हैं.
वे एक योगाचार्य और विश्वविख्यात होम्यो पैथ भी हैं । उनके लेख वर्षों तक प्रतिष्ठित पत्रिका निरोगधाम में प्रकाशित होते रहे हैं । आप उनसे अपनी असाध्य बीमारियों पर भी सलाह एप्वाइंटमेंट लेकर ले सकते हैं।
मैने तंत्र साधनाओं की वास्तविकता और उनकी शक्तियों का अनुभव पूज्यपाद सदगुरुदेव स्वामी निखिलेश्वरानंद जी [डॉ. नारायण दत्त श्रीमाली जी ] तथा उनके बाद गुरुदेव स्वामी सुदर्शननाथ जी और गुरुमाता डॉ. साधना सिंह जी के सानिध्य में किया है ।
आप भी उनसे मिलकर प्रत्यक्ष मार्गदर्शन ले सकते हैं :-
जास्मीन - 429
न्यू मिनाल रेजीडेंसी
जे. के. रोड , भोपाल [म.प्र.]
दूरभाष : (0755)
4269368,4283681,4221116
वेबसाइट:-
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यूट्यूब चेनल :-
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14 नवंबर 2025
दस महाविद्याये तथा उनकी साधना से होने वाले लाभ
दस महाविद्याये तथा उनकी साधना से होने वाले लाभ
मेरे सदगुरुदेव डा नारायण दत्त श्रीमाली जी ने दसों महाविद्याओं के सम्बन्ध में विस्तृत विवेचन किया है . उनके प्रवचन के ऑडियो/वीडियो आप इंटरनेट पर सर्च करके या यूट्यूब पर सुन सकते हैं . तथा विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं .
जितना मैंने जाना है उसके आधार पर मुझे ऐसा लगता है कि सभी महाविद्याओं से आध्यात्मिक शक्ति की वृद्धि तथा सर्व मनोकामना की पूर्ती होती है . इसके अलावा जो विशेष प्रयोजन सिद्ध होते हैं उनका उल्लेख इस प्रकार से किया गया है .
महाकाली - मानसिक प्रबलता /सर्वविध रक्षा / कुण्डलिनी जागरण /पौरुष
तारा - आर्थिक उन्नति / कवित्व / वाक्शक्ति
त्रिपुर सुंदरी - आर्थिक/यश / आकर्षण
भुवनेश्वरी - आर्थिक/स्वास्थ्य/प्रेम
छिन्नमस्ता - तन्त्रबाधा/शत्रुबाधा / सर्वविध रक्षा
त्रिपुर भैरवी - तंत्र बाधा / शत्रुबाधा / सर्वविध रक्षा
धूमावती - शत्रु बाधा / सर्वविध रक्षा
बगलामुखी - शत्रु स्तम्भन / वाक् शक्ति / सर्वविध रक्षा
मातंगी - सौंदर्य / प्रेम /आकर्षण/काव्य/संगीत
कमला - आर्थिक उन्नति
महाविद्याओं की साधना उच्चकोटि की साधना है . आप अपनी रूचि के अनुसार किसी भी महाविद्या की साधना कर सकते हैं . महाविद्या साधना आपको जीवन में सब कुछ प्रदान करने में सक्षम है .
यदि आप सात्विक पद्धति से गृहस्थ जीवन में रहते हुए ही , महाविद्या साधना सिद्धि करना चाहते हैं तो आप महाविद्या से सम्बंधित दीक्षा तथा मंत्र प्राप्त करने के लिए मेरे गुरुदेव स्वामी सुदर्शन नाथ जी से या गुरुमाता डा साधना सिंह जी से संपर्क कर सकते हैं .
विस्तृत जानकारी के लिए नीचे दिए गए वेबसाइट तथा यूट्यूब चैनल का अवलोकन कर सकते हैं .
contact for details
वेबसाइट
namobaglamaa.org
यूट्यूब चैनल
https://youtube.com/c/MahavidhyaSadhakPariwar
7 जुलाई 2025
गुरुमाता डॉ. साधना सिंह : एक सिद्ध तंत्र गुरु
गुरुमाता डॉ. साधना सिंह : एक सिद्ध तंत्र गुरु
वात्सल्यमयी गुरुमाता डॉ. साधना सिंह जी महाविद्या बगलामुखी की प्रचंड , सिद्धहस्त साधिका हैं.
स्त्री कथावाचक और उपदेशक तो बहुत हैं पर तंत्र के क्षेत्र में स्त्री गुरु अत्यंत दुर्लभ हैं.
तंत्र के क्षेत्र में स्त्री गुरु का बहुत महत्व होता है.
माँ अपने शिशु को स्नेह और वात्सल्य के साथ जो कुछ भी देती है वह उसके लिए अनुकूल हो जाता है .
स्त्री गुरु मातृ स्वरूपा होने के कारण उनके द्वारा प्रदत्त मंत्र साधकों को सहज सफ़लता प्रदायक होते हैं. स्त्री गुरु द्वारा प्रदत्त मंत्र स्वयं में सिद्ध माने गये हैं.
वे एक योगाचार्य और विश्वविख्यात होम्यो पैथ भी हैं । उनके लेख वर्षों तक प्रतिष्ठित पत्रिका निरोगधाम में प्रकाशित होते रहे हैं । आप उनसे अपनी असाध्य बीमारियों पर भी सलाह एप्वाइंटमेंट लेकर ले सकते हैं।
मैने तंत्र साधनाओं की वास्तविकता और उनकी शक्तियों का अनुभव पूज्यपाद सदगुरुदेव स्वामी निखिलेश्वरानंद जी [डॉ. नारायण दत्त श्रीमाली जी ] तथा उनके बाद गुरुदेव स्वामी सुदर्शननाथ जी और गुरुमाता डॉ. साधना सिंह जी के सानिध्य में किया है ।
आप भी उनसे मिलकर प्रत्यक्ष मार्गदर्शन ले सकते हैं :-
जास्मीन - 429
न्यू मिनाल रेजीडेंसी
जे. के. रोड , भोपाल [म.प्र.]
दूरभाष : (0755)
4269368,4283681,4221116
वेबसाइट:-
www.namobaglamaa.org
यूट्यूब चेनल :-
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21 अप्रैल 2025
गुरु शृंखला
जगद्गुरु भगवान शिव
[1933-1998]
17 अप्रैल 2025
ऑनलाइन श्री विद्या पूजन और विशेष दीक्षाएं : 21 अप्रेल 2025
ऑनलाइन दीक्षा और पूजन :-
श्री विद्या मार्ग के उद्धारक,भारतवर्ष के आद्यात्मिक लौ को पुनर्जीवित करने वाले सदगुरुदेव परमहंस स्वामी निखिलेश्वरानंद जी के जन्मोत्सव 21 अप्रैल 2025 को महाविद्या साधक परिवार, भोपाल द्वारा निखिल भगवान की सूक्ष्म उपस्थिति में गुरुदेव श्री सुदर्शननाथ एवं गुरुमाता डॉ साधना सिंह जी के सानिध्य मे अमृत महोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है ।
जिसके अंतर्गत
राज राजेश्वरी पूजन & भुबनेश्वरी पूजन
संपन्न कराया जाएगा साथ ही
परम तत्व प्राप्ति दीक्षा,
ब्रह्म ज्योतिष दीक्षा,
ध्यान दीक्षा
भी प्रदान की जाएगी।
नोट :-
1️⃣ शिविर/अनुष्ठान ऑनलाइन होगा ।
2️⃣ऑनलाइन पूजन के 2100/-में पूजन और एक व्यक्ति की दीक्षा साथ मे और यदि जिन्हें सिर्फ दीक्षा लेनी हो तो 1100/- में सिर्फ एक फोटो दीक्षा ।
3️⃣फ़ोटो और पेमेंट करने के बाद स्क्रीनशॉट व्हाट्सएप (9852284595) पर अवश्य भेजे।
4️⃣रेजिस्ट्रेशन के लिए संपर्क करे
करुणेश कर्ण (पटना):- 9852284595 (call or whatsapp)
5️⃣ payment के लिए
A/C:-464102010201709
IFSC CODE :-UBIN0546411
BRANCH :- ANTICHAK
NAME :-DILEEP KUMAR
Google pay & phone pay :-
9708733515
11 अप्रैल 2025
गुरु श्रंखला
जगद्गुरु भगवान शिव
[1933-1998]
27 मार्च 2025
नवरात्रि पर देवी साधना कैसे करें ?
नवरात्रि पर देवी साधना कैसे करें ?
नवरात्रि पर देवी साधनाएं करने की इच्छा सभी की होती है । अधिकांश लोग नियमों मान्यताओं और डर आदि की वजह से घबराते हैं या झिझकते हैं कि....
कुछ गड़बड़ न हो जाए !
मातारानी क्रोधित होकर कोई नुकसान न कर दे !
आदि आदि.....
वास्तव में ऐसा झिझकने लायक कुछ नहीं है ।
जगदंबा संपूर्ण सृष्टि की माता है और वह बच्चों की गलतियों को क्षमा कर देती है । इसलिए आप जैसे और जितना अपनी क्षमतानुसार कर पाएंगे वैसा पूरी श्रद्धा से करें आपको अनुकूलता और महामाया की कृपा अवश्य मिलेगी ।
जगदंबा का आशीर्वाद और कृपा हर क्षेत्र मे सहायक होती ही है ..... इसीलिए हमारे सनातन धर्म मे शक्ति साधनाओं को इतना महत्व दिया गया है ।
आप देखें तो विश्व में सबसे शक्तिशाली नेताओं में मोदी जी की गिनती होती है । वह भगवती जगदंबा के प्रबल भक्त हैं । ऐसे भक्त जो नवरात्रि के समय में पूरी श्रद्धा के साथ निर्जला व्रत भी रखते हैं....
इसी प्रकार से अगर आप इतिहास के पन्नों में जाएं तो आपको पता चलेगा कि जितने भी अत्यंत उच्च कोटि के वीर और साहसी राजा या योद्धा हुए हैं वे सभी के सभी आध्यात्मिक शक्ति से संपन्न थे । किसी न किसी इष्ट की प्रबल भक्ति और साधना से उनके अंदर जागृत हुई अध्यात्मिक शक्ति, उनकी शारीरिक शक्तियों और प्रतिभा को कई कई गुना बढ़ा देती थी जिसके चलते वे असामान्य अभूतपूर्व और असंभव से लगने वाले कार्यों को भी संपन्न कर पाते थे ।
एक उदाहरण ले लीजिए....
महाकवि कालिदास, विश्व के श्रेष्ठतम पद्य रचयिता माने जाते हैं । उनकी कविताओं की टक्कर की कविता आज तक न किसी ने लिखी है और संभवत कोई लिख भी नहीं पाएगा...
उनका कवित्व तब प्रस्फुटित हुआ था जब वह महाकाली की साधना में संलग्न हुए थे .....
स्वर कोकिला लता दीदी यानी लता मंगेशकर जी वाग्देवी की प्रबल साधिका थी..... अब यह बताने की जरूरत नहीं है कि माँ शारदा साक्षात उनके कंठ में निवास करती थी........
छत्रपति शिवाजी से लेकर महाराणा प्रताप तक जितने भी वीर प्रचंड योद्धा हुए हैं सब अपने अपने इष्ट के प्रति पूर्ण समर्पित रहे हैं.....
उनका आध्यात्मिक बल इतना प्रचंड रहा है कि वह उन्हे उनसे कई गुना शक्तिशाली शत्रु पर भी भारी पड़ने के लिए समर्थ कर देता था.....
मुझे ऐसा लगता है कि जीवन में आप किसी भी क्षेत्र में हों यदि आप सफलता प्राप्त करना चाहते हैं तो आपके अंदर....
आध्यात्मिक शक्ति का अंश भी होना चाहिए !
देवी कृपा भी होनी चाहिए !!
भगवती जगदंबा का आशीर्वाद होना चाहिए !!!
यह बहुत कठिन कार्य नहीं है । हमारे साथ दिक्कत यह है कि हमारे पास जब समस्या आती है, उस समय हम मंदिर की ओर दौड़ लगाते हैं । वहां जाकर रोना गाना करके वापस आ जाते हैं । उसमें भी हमारे कई काम हो जाते हैं तो आप स्वयं सोचे कि अगर आप नित्य प्रति निष्ठा के साथ सम्मान के साथ श्रद्धा और विश्वास के साथ भगवती जगदंबा की आराधना, पूजन, चिंतन, मंत्र जाप करेंगे तो वे स्वयं कितनी कृपालु हो जाएंगी ।
उन का वरद हस्त आपको अपने क्षेत्र में एक अद्भुत व्यक्तित्व बनाने की क्षमता रखता है । आप अगर इस बात पर विश्वास नहीं रखते हैं तो उसका उदाहरण मैं स्वयं हूँ । एक मामूली सा व्यक्ति जो संयोग से एक तंत्र गुरु से दीक्षा ले पाया, उनकी कृपा से भगवती की साधना की विधियां समझ पाया । एक लंबे समय..... यूं समझ लीजिए 10 साल 15 साल उनका मंत्र जाप निष्ठा के साथ करता रहा । आज आप देख लीजिए कि लिखते हुए मुश्किल से मुझे चार साल हुए हैं ....
और आप जैसे कितने लोग मुझे जानते हैं....
कितने लोगों की यह लगता है कि यह व्यक्ति वास्तव में आध्यात्मिक क्षेत्र में कुछ दखल रखता है....
यह सब प्रतिभा विकसित होती है भगवती जगदंबा के आशीर्वाद से......
मुझे यह कहते हुए जरा भी संकोच नहीं है कि मैं एक बिल्कुल आम और सामान्य सा मूर्ख आदमी हूं जिसके अंदर कमजोरियाँ और कमियाँ भरी पड़ी हैं......
आप जो भी लेखन देखते हैं जो भी मेरा लिखा हुआ पढ़ते हैं वह सब उसकी अहेतुकी कृपा है.....
उसका आशीर्वाद है कि वह मुझे जैसे मूढ़ व्यक्ति से भी इतना कुछ लिखवा लेती है ।
बिल्कुल ऐसा ही आपके साथ भी संभव है !
बस जरूरत इसकी है कि आप पूरे विश्वास और श्रद्धा के साथ नवरात्रि में जाप करें !
नित्य जाप करें !
उन्हें अपनी माता के रूप में देखें !
अपने आप को उनके शिशु के रूप में देखें !!
जैसा कर सकते हों !
जितना कर सकते हों !
उतना पूरे विश्वास और श्रद्धा से समर्पण भाव से एक शिशु के जैसे भाव से करिये......
यकीन मानिए उसके बाद फिर जो घटित होगा उसका शब्दों में बखान नहीं किया जा सकता ।
वह एक ऐसी स्थिति होती है कि बस आप कुछ बन जाते हैं....
कुछ ऐसा..... जो लोगों को एहसास करा देता है कि यह औरों से अलग है ....
इसमे कुछ तो स्पेशल है ......
अगर आप स्पेशल बनना चाहते हैं तो मैं आपका स्वागत करता हूं साधना के जगत में.....
आप आइए और इन विद्याओं को, इन शक्तियों को प्राप्त करने के प्रयासों को समझें, मंत्र जाप करें और जीवन में सफलता प्राप्त करें....
प्राचीन काल मे गुरु को खोजने के लिए जंगल जंगल भटकना पड़ता था । उसकी सेवा टहल मे बरसों बिताने पड़ते थे तब एकाध मंत्र या साधना मिल पाती थी ....
आज कि स्थिति अलग है .... आप इतना सब नहीं कर सकते ....
इसलिए आज के युग मे स्वामी सुदर्शन नाथ और गुरुमाता डा साधना सिंह जैसे गुरु सहजता से समाज के बीच मे उपलब्ध हैं । आप उनसे मिलेंगे तो ऐसा लगेगा जैसे अपने परिवार के ही किसी सदस्य से मिल रहे हैं । न किसी प्रकार का तामझाम और न ही किसी प्रकार का प्रपंच !
एक सामान्य लोगों के रहने वाली कॉलोनी मे एक सामान्य से घर मे बिलकुल एक सामान्य गृहस्थ जैसे !
आप उनसे मिल सकते हैं !
दीक्षा ले सकते हैं !
मंत्र और साधनाएं प्राप्त कर सकते हैं !
साधना के दौरान आने वाली किसी भी प्रकार की समस्या का समाधान मांग सकते हैं ....
सबसे बड़ी बात यह कि आप उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलकर बातचीत कर सकते हैं .....
ऐसे गुरु से जो साधनाओं के शिखर पर बैठकर भी आपके लिए सहज उपलब्ध है .....
ऐसे अवसर का लाभ उठाएँ । उनसे मिलें अपने फील्ड से संबन्धित दीक्षा और मंत्र प्राप्त करें । नित्य जाप करें और फिर दस साल के बाद आप मुड़कर देखेंगे तो एहसास करेंगे कि ...
हाँ ! मैं स्पेशल बन चुका हूँ .... कुछ ऐसा जो शायद मेरे पूरे खानदान मे नहीं है ......
गुरुदेव से संपर्क का पता :-
साधना सिद्धि विज्ञान कार्यालय -जैस्मिन – 429, न्यू मिनाल रेसिडेंसी, जे.के.रोड, भोपाल,म.प्र.
फोन नंबर - 0755-4269368
🌹 निखिल अमृत महोत्सव 🌹 : 21 अप्रैल 2025 : ऑनलाइन दीक्षा
श्री विद्या मार्ग के उद्धारक,भारतवर्ष के आद्यात्मिक लौ को पुनर्जीवित करने वाले सदगुरुदेव परमहंस स्वामी निखिलेश्वरानंद जी के जन्मोत्सव 21 अप्रैल 2025 को महाविद्या साधक परिवार, भोपाल द्वारा निखिल भगवान की सूक्ष्म उपस्थिति में गुरुदेव श्री सुदर्शननाथ एवं गुरुमाता डॉ साधना सिंह जी के सानिध्य मे अमृत महोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है ।
जिसके अंतर्गत
राज राजेश्वरी पूजन & भुबनेश्वरी पूजन
संपन्न कराया जाएगा साथ ही
परम तत्व प्राप्ति दीक्षा,
ब्रह्म ज्योतिष दीक्षा,
ध्यान दीक्षा
भी प्रदान की जाएगी।
नोट :-
1️⃣ शिविर/अनुष्ठान ऑनलाइन होगा ।
2️⃣ऑनलाइन पूजन के 2100/-में पूजन और एक व्यक्ति की दीक्षा साथ मे और यदि जिन्हें सिर्फ दीक्षा लेनी हो तो 1100/- में सिर्फ एक फोटो दीक्षा ।
3️⃣फ़ोटो और पेमेंट करने के बाद स्क्रीनशॉट व्हाट्सएप (9852284595) पर अवश्य भेजे।
4️⃣रेजिस्ट्रेशन के लिए संपर्क करे
करुणेश कर्ण (पटना):- 9852284595 (call or whatsapp)
5️⃣ payment के लिए
A/C:-464102010201709
IFSC CODE :-UBIN0546411
BRANCH :- ANTICHAK
NAME :-DILEEP KUMAR
Google pay & phone pay :-
9708733515
11 जनवरी 2025
गुरु श्रंखला
जगद्गुरु भगवान शिव
[1933-1998]
28 नवंबर 2024
गुरु दीक्षा कैसे प्राप्त करें !
मैंने देवी देवताओं तथा उनकी मंत्र साधना से संबन्धित कई लेख प्रकाशित किए हैं । जिन्हे पढ़कर कई पाठकों और पाठिकाओं ने साधना की है या करने की इच्छा व्यक्त की है । मैंने जो विधियाँ प्रकाशित की हैं, वे सरल हैं और उन्हे किसी भी आयु का स्त्री या पुरुष जो सनातन धर्म मे आस्था रखता हो वह सम्पन्न कर सकता है ।
साधना के मार्ग मे गुरु दीक्षा का बड़ा महत्व होता है । गुरु की देह को गुरु मानने की गलती हम सभी कर बैठते हैं । वास्तव में गुरु के अंदर जो भगवान शिव का ज्ञान या जो शिव तत्व होता है, वही वास्तविक गुरु होता है । तंत्र के अधिपति भगवान शिव सभी साधनाओं के मूल हैं और वही मंत्रों और साधनाओं को शक्ति और चैतन्यता प्रदान करते हैं ।
इसे मैं एक सरल उदाहरण से समझाऊं तो मान लीजिए कि आप अपने घर में एक ट्यूबलाइट जलाना चाहते हैं । इसके दो तरीके हो सकते हैं । पहला तो यह कि आप अपना खुद का बिजली पैदा करने का कोई यंत्र या जनरेटर बना ले और उससे ट्यूबलाइट को जोड़ दें तो ट्यूब लाइट जलने लगेगी । खुद से मंत्र जाप करना कुछ कुछ वैसा ही है । जैसे-जैसे आप जाप करते जाते हैं धीरे-धीरे आपके अंदर ऊर्जा बनने लगती है या आपका खुद का जनरेटर चालू होने लगता है । जब उसकी बिजली पर्याप्त हो जाती है, तब ट्यूब लाइट जलता है ।
दूसरा तरीका यह है कि जो बिजली की सप्लाई लाइन आपके इलाके में आई हुई है, उसके तार से अपने घर में एक कनेक्शन ले ले । उस कनेक्शन के माध्यम से ट्यूबलाइट को जोड़ दें, तब भी वह ट्यूबलाइट चल जाएगी । गुरु दीक्षा कुछ-कुछ वैसा ही कनेक्शन है, जो आपकी ट्यूबलाइट को जल्दी चालू कर सकता है ।
जब आप किसी गुरु से दीक्षा लेते हैं, जो कि स्वयं सिद्ध हो, तो उसकी जो गुरु परंपरा होती है, वह पीछे की ओर जाने पर भगवान शिव से जाकर मिलती है । यानी यह समझ लीजिए कि मेन पावर स्टेशन पर जाकर मिलती है, जहां से सभी साधनाओं का प्रारंभ होता है । जब यह लिंक दीक्षा के माध्यम से जुड़ती है तो आपके अंदर जो शिव तत्व है, जो आपके मस्तिष्क के दोनों हिस्सों के बीच में लगभग लिंग आकार स्वरूप में स्थित होता है, उसकी चैतन्यता बढ़ती है । उसी के माध्यम से मंत्रों की शक्ति जागृत होती है और आपको अपना अभीष्ट प्राप्त होता है ।
अब मन मे यह सवाल उठता है कि दीक्षा कैसे प्राप्त करें ?
सबसे बढ़िया स्थिति तो यह है कि आप गुरु के पास जाकर दीक्षा प्राप्त करें !
उनके पास व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हो और उनसे निवेदन करके अपनी इच्छित दीक्षा प्राप्त करें !!
इसके लिए आप भोपाल मध्य प्रदेश जा सकते हैं, और गुरुदेव स्वामी सुदर्शन नाथ जी से या गुरु माता डॉ. साधना सिंह जी से दीक्षा प्राप्त कर सकते हैं ।
कई बार परिस्थितियां ऐसी होती हैं, कि किसी कारणवश आप भोपाल जा पाने में असमर्थ हो !
ऐसी स्थिति में आप चाहे तो अपनी फोटो तथा निर्धारित न्योछावर भेज कर भी गुरु दीक्षा प्राप्त कर सकते हैं । इसके विषय में अधिक जानकारी के लिए आप सुमन जी से संपर्क कर सकते हैं :-
सुश्री सुमन
मोबाइल नंबर - 9307610360

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