27 मई 2010

महाकाली रक्षा मन्त्रम

:: हुं हुं ह्रीं ह्रीं कालिके घोर दन्ष्ट्रे प्रचन्ड चन्ड नायिके दानवान दारय हन हन शरीरे महाविघ्न छेदय छेदय स्वाहा हुं फट ::

इस मन्त्र का जाप करके रक्षा सूत्र बान्ध सकते हैं. साथ हि विभिन्न प्रकार के रक्षा घेरे के निर्माण मे भी सहायक सिद्ध मन्त्र है

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