2 जनवरी 2026

पूज्यपाद गुरुदेव स्वामी सुदर्शन नाथ जी ब्रह्मलीन हो गए ।

 


इस बार नव वर्ष का प्रथम दिन एक अपूरणीय क्षति का दिन रहा । पूज्यपाद गुरुदेव स्वामी सुदर्शन नाथ जीअपनी पार्थिव देह को त्याग कर ब्रह्मलीन हो गए । 

स्नेह और वात्सल्य से भरा हुआ गुरुदेव का साहचर्य, उनका आशीर्वाद, उनकी कृपा दृष्टि, उनका वरद हस्त जो किसी अभेध्य रक्षा कवच की तरह हम सभी शिष्यों के लिए मौजूद रहता था ।

वह अनायास जैसे एक झटके में टूट गया ! 

ऐसा लग रहा है जैसे हम सब अनाथ हो गए । 

एक खालीपन !

एक बहुत बड़ा शून्य !

जीवन में आ गया है !!

जिसकी क्षतिपूर्ति शायद कभी संभव ना हो … 

विनम्र श्रद्धांजलि गुरुदेव ! 


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