महामृत्युंजय मंत्र
त्रयंबकं यजामहे सुगंधिम पुष्टि वर्धनम, ।.
उर्वारुकमिव बंधनात मृत्युर्मुक्षीय मामृतात ॥
बीजमंत्र संपुटित महामृत्युंजय शिव मंत्रः-
॥ ऊं हौं ऊं जूं ऊं सः ऊं भूर्भुवः ऊं स्वः ऊं त्रयंबकं यजामहे सुगंधिम पुष्टि वर्धनम, उर्वारुकमिव बंधनात मृत्युर्मुक्षीय मामृतात ऊं स्वः ऊं भूर्भुवः ऊं सः ऊं जूं ऊं हौं ऊं ॥
भगवान शिव का एक अन्य नाम महामृत्युंजय भी है।
जिसका अर्थ है, ऐसा देवता जो मृत्यु पर विजय प्राप्त कर चुका हो।
यह मंत्र रोग और अकाल मृत्यु के निवारण के लिये सर्वश्रेष्ठ माना गया है। इसका जाप यदि रोगी स्वयं करे तो सर्वश्रेष्ठ होता है। यदि रोगी जप करने की सामर्थ्य से हीन हो तो, परिवार का कोई सदस्य या फिर कोई सधाक/तांत्रिक/ब्राह्मण रोगी के नाम से मंत्र जाप कर सकता है।
इसके लिये संकल्प इस प्रकार लें,
मैं(अपना नाम) महामृत्युंजय मंत्र का जाप,(रोगी का नाम) के रोग निवारण के निमित्त कर रहा हॅू, भगवान महामृत्युंजय उसे पूर्ण स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें''।
इस मंत्र के जाप के लिये सफेद वस्त्र तथा आसन का प्रयोग ज्यादा श्रेष्ठ माना गया है।
रुद्राक्ष की माला से मंत्र जाप करें।
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मंत्र के उच्चारण को स्पष्ट करने के लिए
मंत्र उच्चारण Mantra Pronunciation
के नाम से
पॉडकास्ट
https://open.spotify.com/show/00vXvHwYrtTbjnjSzyOt3V
और यूट्यूब चेनल
मंत्र उच्चारण Mantra Pronunciation by Anil Shekhar
https://www.youtube.com/channel/UCpQmfDpTFYokh8smhreq3Sg
भी बनाया है जिसमे सुनकर आप अपना मंत्र उच्चारण सुधार सकते हैं ।
आपका
अनिल शेखर अमस
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