16 अप्रैल 2026

भगवती बगलामुखी की साधना के सामान्य नियम

  

 

    


भगवती बगलामुखी की साधना सामान्यतः शत्रुनाश और मुकदमों में विजय प्राप्ति के लिये की जाती है.इस साधना के सामान्य नियम :-

  1. साधक को सात्विक आचार तथा व्यवहार रखना चाहिये.
  2. साधना काल में पीले रंग के वस्त्र तथा आसन का उपयोग करॆं.
  3. साधना रात्रिकालीन है अर्थात रात्रि ९ से सुबह ४ के मध्य मन्त्र जाप करें.
  4. साधनाकाल में क्रोध ना करें.
  5. साधना काल में यथासंभव ब्रह्मचर्य का पालन करें.
  6. साधनाकाल में किसी स्त्री का अपमान ना करें.
  7. हल्दी या पीली हकीक की माला से जाप करें.
  8. साधना करने से पहले गुरु दीक्षा और बगलामुखी दीक्षा ले लें  । 
यदि संभव हो तो भोपाल जाकर गुरुमाता डॉ. साधना सिंह जी से दीक्षा प्राप्त कर लें । यदि जाना संभव न हो तो 21 अप्रेल को ऑनलाइन दीक्षा प्राप्त कर सकते हैं । इसके लिए आप अलग से प्रकाशित इस लेख को पढ़के जानकारी प्राप्त कर सकते हैं :- 
  • गुरु से अनुमति लेकर ही यह साधना करें. 
  • यह साधना उग्र साधना है इसलिये नन्हे बालक तथा कमजोर मानसिक स्थिति वाले इस साधना को ना करें.
  • सामान्यतः सवा लाख जाप का पुरश्चरण तथा १२५०० मन्त्रों से हवन किया जाना अपेक्षित है.
  • हवन पीली सरसों से किया जायेगा.
बिना दीक्षा के आप शतनाम स्तोत्र या सहस्र नाम स्तोत्र का पाठ कर सकते हैं । 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

आपके सुझावों के लिये धन्यवाद..
आपके द्वारा दी गई टिप्पणियों से मुझे इसे और बेहतर बनाने मे सहायता मिलेगी....
यदि आप जवाब चाहते हैं तो कृपया मेल कर दें . अपने अल्पज्ञान से संभव जवाब देने का प्रयास करूँगा.मेरा मेल है :-
dr.anilshekhar@gmail.com