25 मई 2025

नाभि दर्शना अप्सरा दीक्षा : 4 जून 2025

 नाभि दर्शना अप्सरा दीक्षा : 4 जून 2025 


अप्सरा कहते ही हमारे मानस पटल पर जो आकृति उभरती है वह होती है ....
स्वर्ग से उतरी हुई एक अद्वितीय सौन्दर्य की स्वामिनी युवती !
जिसके चेहरे मे इतनी मोहकता है कि एक बार नजर पड जाये तो हटे ही नहीं !
जिसके शरीर पर झीने रेशमी वस्त्र हैं, जो उसकी मादक काया को छिपा पाने मे असमर्थ हैं !
उन्नत वक्ष स्थल !
क्षीण कटि !
विस्तृत नितंब की स्वामिनी !
जो हर पुरुष का स्वप्न है ......
वास्तव मे अप्सरा ऐसी ही होती है ।

कई साधकों को लगता है कि अप्सरा साधना करके आप उसे किसी वास्तविक स्त्री की तरह भोग सकते हैं ।
यह लगभग असंभव सी बात है !
अप्सरा को भोगने, उसे पत्नी के समान अपने पास रखने के लिए ऋषि विश्वामित्र जैसा प्रचंड पौरुष चाहिए होता है । अगर आपमे वैसा पौरुष है तो अप्सरा आपके पास प्रत्यक्ष भी आ सकती है .....
हमारे आपके जैसे सामान्य पुरुषों के साथ ऐसा नहीं होता ।

अप्सरा साधना करने से वह पत्नी प्रेमिका या किसी समकक्ष स्त्री के माध्यम से अपने आप को प्रकट करती है ।
आपको उसके व्यवहार मे ऐसा परिवर्तन एकदम स्पष्ट महसूस होगा .....
आप अपने आसपास मादक सुगंध कई बार महसूस करेंगे !
आपको लोग पसंद करने लगेंगे !
आपके जीवन मे ज्यादा रसयुक्तता आ जाएगी !
आप ज्यादा प्रसन्न रहने लगेंगे !
हाँ ! आर्थिक दृष्टि से लाभ तो अप्सरा साधना से होता ही है .....
क्योंकि वे भगवती महालक्ष्मी के मण्डल मे स्थित शक्ति हैं ।

महिलाएं अगर अप्सरा साधना करती हैं तो उनको भी अनेक प्रकार के लाभ होते हैं ।
पहला लाभ तो यह होता है कि आपके मुखमंडल मे आकर्षण स्वतः उत्पन्न हो जाता है ।
आपके सौंदर्य मे भी निखार आने लगता है ।
ऐसा नहीं है कि आप दस पंद्रह दिन मे मधुबाला जैसी दिखने लगेंगी ।
हाँ ! फर्क तो बिलकुल दिखने लगेगा !
आवाज मे एक अलग लोच आ जाएगा ! बातों मे लोगों को प्रभावित करने की क्षमता आ जाएगी ।

मैं पिछले कई सालों से गुरुमाता डॉ साधना सिंह जी से जुड़ा हुआ हूँ ।
मैंने स्वयं देखा है कि कैसे अप्सरा दीक्षा युवतियों और स्त्रियॉं के आकर्षण और सौन्दर्य मे अभूतपूर्व वृद्धि कर देती हैं ।
एकदम गहरे रंग की स्त्रियॉं एक दो साल मे साँवली दिखने लगती हैं ।
चेहरे पर एक अलग ही सम्मोहन दिखने लगता है ।
कुछ युवतियाँ जो अप्सरा दीक्षा ले चुकी हैं उनको देखने पर तो वास्तव मे ऐसा प्रतीत होता है......
जैसे स्वर्ग से साक्षात कोई अप्सरा ही उतर आई हो ।

अब प्रमुख सवाल कि इसे कैसे करें ?
सबसे आसान उपाय यह है कि आप गुरुमाता डॉ. साधना सिंह जी के जन्मदिन
4 जून को आयोजित अप्सरा साधना शिविर मे भाग लेकर
अप्सरा दीक्षा प्राप्त कर लें ।
इससे आपका 70 प्रतिशत काम हो जाएगा ।
उसके बाद आप मंत्र जाप करते रहें....
छह महीने..... साल भर के अंदर आपको ही नहीं,
बल्कि आपके आसपास के लोगों को भी फर्क महसूस होने लगेगा ।

एक बात और.....
अप्सरा दीक्षा से वैवाहिक जीवन मे अगर कटुता आ गयी हो !
तलाक जैसी स्थितियाँ बन रही हों !
आपस मे संबंध मधुर न रह गए हों तो उसमे भी अप्रत्याशित लाभ मिलता है ।

भोपाल जाकर दीक्षा लेना सर्वश्रेष्ठ है !
अगर आप भोपाल नहीं जा सकते हैं तो....
अपनी फोटो भेजकर भी अप्सरा दीक्षा और अप्सरा रत्न प्राप्त कर सकते हैं ।

21 मई 2025

गुरु दीक्षा कैसे प्राप्त करें !

 


मैंने देवी देवताओं तथा उनकी मंत्र साधना से संबन्धित कई लेख प्रकाशित किए हैं । जिन्हे पढ़कर कई पाठकों और पाठिकाओं ने साधना की है या करने की इच्छा व्यक्त की है । मैंने जो विधियाँ प्रकाशित की हैं, वे सरल हैं और उन्हे किसी भी आयु का स्त्री या पुरुष जो सनातन धर्म मे आस्था रखता हो वह सम्पन्न कर सकता है ।  

साधना के मार्ग मे गुरु दीक्षा का बड़ा महत्व होता है । गुरु की देह को गुरु मानने की गलती हम सभी कर बैठते हैं । वास्तव में गुरु के अंदर जो भगवान शिव का ज्ञान या जो शिव तत्व होता है, वही वास्तविक गुरु होता है । तंत्र के अधिपति भगवान शिव सभी साधनाओं के मूल हैं और वही मंत्रों और साधनाओं को शक्ति और चैतन्यता प्रदान करते हैं । 

इसे मैं एक सरल उदाहरण से समझाऊं तो मान लीजिए कि आप अपने घर में एक ट्यूबलाइट जलाना चाहते हैं । इसके दो तरीके हो सकते हैं । पहला तो यह कि आप अपना खुद का बिजली पैदा करने का कोई यंत्र या जनरेटर बना ले और उससे ट्यूबलाइट को जोड़ दें तो ट्यूब लाइट जलने लगेगी । खुद से मंत्र जाप करना कुछ कुछ वैसा ही है । जैसे-जैसे आप जाप करते जाते हैं धीरे-धीरे आपके अंदर ऊर्जा बनने लगती है या आपका खुद का जनरेटर चालू होने लगता है । जब उसकी बिजली पर्याप्त हो जाती है, तब ट्यूब लाइट जलता है । 

दूसरा तरीका यह है कि जो बिजली की सप्लाई लाइन आपके इलाके में आई हुई है, उसके तार से अपने घर में एक कनेक्शन ले ले । उस कनेक्शन के माध्यम से ट्यूबलाइट को जोड़ दें, तब भी वह ट्यूबलाइट चल जाएगी । गुरु दीक्षा कुछ-कुछ वैसा ही कनेक्शन है, जो आपकी ट्यूबलाइट को जल्दी चालू कर सकता है । 

जब आप किसी गुरु से दीक्षा लेते हैं, जो कि स्वयं सिद्ध हो, तो उसकी जो गुरु परंपरा होती है, वह पीछे की ओर जाने पर भगवान शिव से जाकर मिलती है । यानी यह समझ लीजिए कि मेन पावर स्टेशन पर जाकर मिलती है, जहां से सभी साधनाओं का प्रारंभ होता है । जब यह लिंक दीक्षा के माध्यम से जुड़ती है तो आपके अंदर जो शिव तत्व है, जो आपके मस्तिष्क के दोनों हिस्सों के बीच में लगभग लिंग आकार स्वरूप में स्थित होता है, उसकी चैतन्यता बढ़ती है । उसी के माध्यम से मंत्रों की शक्ति जागृत होती है और आपको अपना अभीष्ट प्राप्त होता है ।

अब मन मे यह सवाल उठता है कि दीक्षा कैसे प्राप्त करें ? 

सबसे बढ़िया स्थिति तो यह है कि आप गुरु के पास जाकर दीक्षा प्राप्त करें !

उनके पास व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हो और उनसे निवेदन करके अपनी इच्छित दीक्षा प्राप्त करें !!

इसके लिए आप भोपाल मध्य प्रदेश जा सकते हैं, और गुरुदेव स्वामी सुदर्शन नाथ जी से या गुरु माता डॉ.  साधना सिंह जी से दीक्षा प्राप्त कर सकते हैं । 




साधना सिद्धि विज्ञान 
जास्मीन - 429
न्यू मिनाल रेजीडेंसी 
जे. के. रोड , भोपाल  [म.प्र.]


दूरभाष : (0755) --- 4269368,4283681,4221116

27 अप्रैल 2025

अक्षय तृतीया पर अभिमंत्रित पारद श्री यंत्र

    



गृहस्थ के जीवन में लक्ष्मी नही है तो कुछ भी नही है । यह हम सभी जानते हैं ।

सम्पूर्ण ऐश्वर्य और समृद्धि के लिए श्री यंत्र का अनादि काल से उपयोग हों रहा है । आप इसकी विशिष्ठता इसी बात से समझ सकते हैं कि लगभग सभी उच्च कोटि के तंत्र पीठों में इसकी स्थापना अनिवार्यं रूप से की जाती है ।
श्री यंत्र तांबा,पीतल,सोना,चाँदी,जैसे धातुओं से बनाए जाते हैं । 

पारा भी तंत्र मे अत्यंत विशिष्ट धातु माना गया है । उससे बने विग्रह विशेष लाभदायक भी कहे गए हैं । 
पारे से बने कुछ छोटे पारद श्री यंत्र अभिमंत्रित करके ₹1008/[एक हजार आठ रुपये ] मे उपलब्ध हैं । 

इस यंत्र को आप अपने पूजा स्थान मे रख सकते हैं । चाहें तो गल्ले तिजोरी या अलमारी मे भी रख सकते हैं । जो पाठक इच्छुक हैं वे मुझे 7000630499 पर  संपर्क करके इसे प्राप्त कर सकते हैं ।


यंत्र आपके नाम से सिद्ध करने के लिए निम्नलिखित जानकारी लगेगी जो आप भेज देंगे :-

भेजे गए शुल्क की रसीद की फोटो ।  
आपका एक ताजा खींचा हुआ फोटो 
नाम 
गोत्र (अगर मालूम हो )
जन्मतिथि (अगर मालूम हो )
जन्म का समय (अगर मालूम हो )
जन्म का स्थान (अगर मालूम हो )

पूरा पता , पिन कोड के साथ, जिसमे आपको यंत्र भेजना है ।
आपका व्हाट्सएप्प  नंबर जिसपर आपको मंत्र तथा यंत्र भेजने की सूचना भेजी जाएगी । 

आप पेमेंट के लिए इस QR code का भी प्रयोग कर सकते हैं



अक्षय तृतीया : महालक्ष्मी मंत्र




गृहस्थ जीवन की मूल शक्ति है लक्ष्मी ! 

जिसके अभाव में कुछ भी संभव नहीं है | अक्षय तृतीया लक्ष्मी साधना का विशेष मुहूर्त है इस अवसर पर कुछ लक्ष्मी मन्त्र प्रस्तुत हैं , जिनका जाप कर आप व्यापार/नौकरी आदि में अनुकूलता प्राप्त कर सकते हैं |


लक्ष्मी साधना मन्त्र  :-
  1. || ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै  नमः   ||
  2.  || ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै  नमः   ||
  3. || ॐ श्रीं  महालक्ष्म्यै  नमः   || 
  4. || ॐ महालक्ष्म्यै  नमः   || 
  5. || ॐ श्रीं ॐ || 
  6. || ॐ  श्रीं  ह्रीं क्लीं श्रीं सिद्धलक्ष्म्ये नमः ||


सामान्य निर्देश :-
साधनाएँ इष्ट तथा गुरु की कृपा से प्राप्त और सिद्ध होती हैं |
इसके लिए कई वर्षों तक एक ही साधना को करते रहना होता है |
साधना की सफलता साधक की एकाग्रता और उसके श्रधा और विश्वास पर निर्भर करता है |
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विधि :-
  1. इनमे से किसी भी एक मन्त्र का जाप कर सकते हैं |
  2. ११/२१/५१ हजार जाप करें | यदि इतना ना कर सकते हों तो अपनी क्षमता के अनुसार करें |
  3. रोज सामान संख्या में जाप करें | संभव हो तो जाप का समय भी एक ही हो |
  4. अपने सामने  लाल कपडे में श्री यंत्र या लक्ष्मी यंत्र रख लें  |
  5. जाप के बाद इसे लाल कपडे से ढँक दें |
  6. कोशिश करें की जाप काल में आपके अलावा इसे कोई ना छुए और ना ही देखे |
  7. जाप समाप्त होने पर इसे अपने गल्ले /तिजोरी/जेब में रखें |
  8. जाप कमलगट्टे की माला से किया जाये तो श्रेष्ट है ना हो तो रुद्राक्ष की माल सभी कार्यों के लिए स्वीकार्य  है |
  9. जाप के पहले दिन हाथ में पानी लेकर संकल्प करें " मै (अपना नाम बोले), आज अपनी (मनोकामना बोले) की पूर्ती के लिए यह मन्त्र जाप कर रहा/ रही हूँ | मेरी त्रुटियों को क्षमा करके मेरी मनोकामना पूर्ण करें " | इतना बोलकर पानी जमीन पर छोड़ दें |
  10. दिशा उत्तर/ पूर्व की और देखते हुए बैठें |
  11. आसन लाल/पीले रंग का रखें|
  12. जाप रात्रि काल मे करें|
  13. यदि अर्धरात्रि जाप करते हुए निकले तो श्रेष्ट है |
  14. जाप के दौरान किसी को गाली गलौच / गुस्सा/ अपमानित ना करें|
  15. किसी महिला ( चाहे वह नौकरानी ही क्यों न हो ) का अपमान ना करें |
  16. सात्विक आहार/ आचार/ विचार रखें |
  17. ब्रह्मचारी का पालन करें |
यदि संभव हो तो घी में कमलगट्टा मिलाकर १०८ आहूतियां , मन्त्र के पीछे स्वाहा लगाकर दें |

कनकधारा स्तोत्र

 











अक्षय तृतीया : लक्ष्मी साधना का सिद्ध मुहूर्त

अक्षय तृतीया महालक्ष्मी साधना के लिए अत्यंत विशेष मुहूर्त माना गया है । इस वर्ष अक्षय त्रितीया 30 अप्रेल को है । वास्तव मे तृतीया तिथि दिनांक 29 अप्रेल की शाम साढ़े पाँच बजे से 30 अप्रेल की दोपहर लगभग दो बजे तक है । इस पूरे समय मे आप लक्ष्मी से संबन्धित साधना, मंत्र जाप, स्तोत्र पाठ, शतनाम, सहस्र नाम आदि करेंगे तो विशेष लाभ मिलेगा ।  

26 अप्रैल 2025

युद्ध मे भारत की विजय के लिए गुरुसेव स्वामी सुदर्शन नाथ जी द्वारा प्रदत्त रणचंडी मंत्र

भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध की संभावनाएं बढ़ रही हैं । सैनिक तो युद्ध क्षेत्र मे अपना कार्य करेंगे । हम सभी देशवासी भी युद्ध मे विजय के लिए गुरुदेव स्वामी सुदर्शन नाथ जी द्वारा प्रदत्त निम्नलिखित मंत्र का यथा शक्ति जाप करें । 

इसके लिए कोई विशेष नियम नहीं है । 

गुरु दीक्षित होने की भी अनिवार्यता नहीं है । 

यह संकट काल है और रणचंडी देवी महाकाली के किसी भी स्वरूप का ध्यान करके आप अपनी क्षमतानुसार जाप कर सकते हैं । 

बैठकर ना कर पाएँ तो चलते फिरते भी कर सकते हैं । 





21 अप्रैल 2025

गुरु शृंखला

 

 जगद्गुरु भगवान शिव







भगवान वेद व्यास


गौड पादाचार्य [शंकराचार्य जी के गुरु ]


जगद्गुरु आदि शंकराचार्य 



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ब्रह्मानंद सरस्वती



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।                                                                                                 ।
           महेश योगी                                                                     करपात्री महाराज
।                                                                                                 ।
।                                                                                                 ।
।                                                                                                 ।
                                           पूज्यपाद सद्गुरुदेव
                                                                               डॉ. नारायण दत्त श्रीमाली जी
[परमहंस स्वामी निखिलेश्वरानंद जी]
[1933-1998]



                                                 
                                              ।
                                              ।
                                               ।
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।                                                                                                 ।
गुरुमाता डॉ . साधना सिंह  जी                                                                       गुरुदेव स्वामी सुदर्शन नाथ जी
                                                                                                       
जानकारी स्त्रोत -  साधना सिद्धि विज्ञान जुलाई २००५ पेज ७०

Books written by Dr. Narayan Dutta Shrimali Ji [परमहंस स्वामी निखिलेश्वरानंद जी ]

   



Books written by 


Dr. Narayan Dutta Shrimali Ji

[परमहंस स्वामी निखिलेश्वरानंद जी ]




























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