30 जुलाई 2020

स्वयंसिद्ध महाकाली सर्व रक्षा मन्त्र




:: हुं हुं ह्रीं ह्रीं कालिके घोर दन्ष्ट्रे प्रचन्ड चन्ड नायिके दानवान दारय हन हन शरीरे महाविघ्न छेदय छेदय स्वाहा हुं फट ::


  1. स्वयंसिद्ध मन्त्र है.
  2. तंत्र बाधा की काट , भूत बाधा आदि में लाभ प्रद है .
  3. शमशान या किसी विशेष तांत्रिक क्रिया में रक्षा के लिए उपयोग कर सकते हैं .
  4. १०८ या १००८ की संख्या में जाप करके इसका प्रयोग करें .
  5. इस मन्त्र का जाप करके रक्षा सूत्र बान्ध सकते हैं. 
  6. विभिन्न प्रकार के रक्षा घेरे के निर्माण मे भी सहायक सिद्ध मन्त्र है


आप इसका उच्चारण आडिओ मे यहाँ सुन सकते हैं 

spotify link

https://open.spotify.com/show/00vXvHwYrtTbjnjSzyOt3V

anchor link

https://anchor.fm/u0938u0928u093eu0924u0928-u0938u0942u0924u094du0930

radiopublic link

https://radiopublic.com/-WlZq04

google podcast link

https://podcasts.google.com/?feed=aHR0cHM6Ly9hbmNob3IuZm0vcy8yNmNiMjA1Yy9wb2RjYXN0L3Jzcw%3D%3D


breaker link

https://www.breaker.audio/mntr-rhsy

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

आपके सुझावों के लिये धन्यवाद..
आपके द्वारा दी गई टिप्पणियों से मुझे इसे और बेहतर बनाने मे सहायता मिलेगी....
यदि आप जवाब चाहते हैं तो कृपया मेल कर दें . अपने अल्पज्ञान से संभव जवाब देने का प्रयास करूँगा.मेरा मेल है :-
dr.anilshekhar@gmail.com