एक प्रयास सनातन धर्म[Sanatan Dharma] के महासमुद्र मे गोता लगाने का.....कुछ रहस्यमयी शक्तियों [shakti] से साक्षात्कार करने का.....गुरुदेव Dr. Narayan Dutt Shrimali Ji [ Nikhileswaranand Ji] की कृपा से प्राप्त Mantra Tantra Yantra विद्याओं को समझने का...... Kali, Sri Yantra, Laxmi,Shiv,Kundalini, Kamkala Kali, Tripur Sundari, Maha Tara ,Tantra Sar Samuchhay , Mantra Maharnav, Mahakal Samhita, Devi,Devata,Yakshini,Apsara,Tantra, Shabar Mantra, जैसी गूढ़ विद्याओ को सीखने का....
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2 जुलाई 2024
निखिल धाम
1 जुलाई 2024
परमहंस स्वामी निखिलेश्वरानंद जी का तान्त्रोक्त मन्त्र
- यह परम तेजस्वी गुरुदेव परमहंस स्वामी निखिलेश्वरानंद जी का तान्त्रोक्त मन्त्र है.
- पूर्ण ब्रह्मचर्य / सात्विक आहार/आचार/विचार के साथ जाप करें.
- पूर्णिमा से प्रारंभ कर अगली पूर्णिमा तक करें.
- तीन लाख मंत्र का पुरस्चरण होगा.
- नित्य जाप निश्चित संख्या में करेंगे .
- रुद्राक्ष की माला से जाप होगा.
- जाप के बाद वह माला गले में धारण कर लेंगे.
- यथा संभव मौन रहेंगे.
- किसी पर क्रोध नहीं करेंगे.
- यह साधना उन लोगों के लिए है जो साधना के मार्ग पर आगे बढ़ना चाहते हैं.
- यह साधना आपके अन्दर शिवत्व और गुरुत्व पैदा करेगी.
- यह साधना वैराग्य की साधना है.
- यह साधना जीवन का सौभाग्य है.
- यह साधना आपको धुल से फूल बनाने में सक्षम है.
- इस साधना से श्रेष्ट कोई और साधना नहीं है.
20 जून 2024
विशेष सिद्ध तन्त्रोक्त शरभेश्वर कवच : सर्व विध रक्षा हेतु
विशेष सिद्ध तन्त्रोक्त शरभेश्वर कवच : सर्व विध रक्षा हेतु
आज का समय संभवतः मानव इतिहास के सबसे कठिन दौर मे से एक है ।
पिछले कुछ सालों से लगातार युद्ध चल रहे हैं । एक भयंकर महामारी से हम बड़ी मुश्किल से बाहर निकल पाये । अभी यह कठिन समय कुछ साल और रहेगा जिसमे शायद बहुत कुछ देखना पड़ेगा ......
भगवान शरभेश्वर देवाधिदेव महादेव का सबसे प्रचंड और उग्र स्वरूप माना गया है ।
कथा है कि जब हिरण्यकश्यप का वध करने के बाद भगवान नरसिंह का आवेश अत्यधिक बढ़ गया था, और वे अनियंत्रित होकर पूरी सृष्टि का संहार कर डालेंगे, ऐसा प्रतीत हो रहा था,
तब.....
भगवान शरभेश्वर का स्वरूप धारण करके उन्हें देवाधिदेव ने नियंत्रित किया था । इसी प्रकार जीवन में आने वाली जटिल से जटिल समस्याओं में भी शरभेश्वर साधना के द्वारा कोई ना कोई हल अवश्य निकल जाता है ।
शरभेश्वर साधना करना थोड़ा कठिन है, जो कि सामान्य गृहस्थ के लिए संभव नहीं हो पता है । ऐसी स्थिति में वह चाहे तो तांत्रिक शरभेश्वर कवच धारण करके इसका लाभ प्राप्त कर सकता है ।
यह कवच विशेष प्रभाव कारी है अगर :-
आप कोई ऐसा कार्य करते हैं जिसमे हमेशा रिस्क रहता हो जैसे फ़ौज/पुलिस/फायर ब्रिगेड/लॉन्ग ट्रिप ड्राइवर आदि ....
घर में काली छाया दिखती हो .
सफाई रखने के बावजूद घर में अजीब सी बदबू का झोंका आता हो .
परिवार के सदस्यों की असामान्य अकाल मृत्यु होती हो या हमेशा कोई न कोई बेवजह बीमार पड़ता रहता हो .
बार बार मरणतुल्य कष्ट या दुर्घटनाओं से दो चार होना पड़ता हो .
अच्छे खासे चलते हुए व्यापार में एक झटके में ग्राहकों का आना एकदम बंद हो गया हो .
अपना मकान बनाना शुरू कर चुके हों, हाथ में पैसे भी हों, लेकिन मकान किसी न किसी कारण से नहीं बन पा रहा हो .
शिष्य को एक पूर्ण आध्यात्मिक और पूर्ण भौतिक जीवन देने की एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी सद्गुरु के कंधों पर होती है। गुरु वही जो भविष्य देख सके। गुरुजी और गुरु मां की पैनी नजर हम शिष्यों पर हमेशा रहती ही है चाहे हम अपने भौतिक जीवन का भी कोई कार्य कर रहे हो इसे हजारों साधकों ने अनुभूत भी किया है। गुरुदेव ने शायद बहुत कुछ दूर का देखते हुए रात्रि काल के विशेष शिव पलो में अतिविशिष्ठ तन्त्रोक्त शरभेश्वर कवच तैयार किए हैं जो की आने वाले समय में साधक व शिष्यगण के जीवन के हर क्षेत्र में बहुत अधिक लाभदायक सिद्ध होंगे ।।
कवच प्राप्त करने के लिए संपर्क करें
मुकेश निखिलधाम (भोपाल) 9926670726
कवचों की संख्या गुरुदेव द्वारा बहुत ही सीमित रखी गई है
कवच के साथ-साथ गुरुदेव हमें विशेष मंत्र भी प्रदान करेंगे ।
अतः जो भी लाभ प्राप्त करना चाहता है शीघ्र अति शीघ्र संपर्क करें।।
11 जून 2024
धूमावती साधना : तंत्र बाधाओं की प्रचंड काट
धूमावती साधना : तंत्र बाधाओं की प्रचंड काट
- धूमावती साधना समस्त प्रकार की तन्त्र बाधाओं की रामबाण काट है.
- यह साधना ज्येष्ठ मास /नवरात्रि/ किसी शुभ मुहूर्त में की जा सकती है.
- दक्षिण दिशा की ओर देखते हुए काले रंग के वस्त्र पहनकर जाप करें. जाप रात्रि ९ से ४ के बीच करें
- अपने सामने एक सूखा नारियल रखें.
- उसपर हनुमान जी को चढने वाला सिन्दूर चढायें.
- मंत्र जाप से पहले काला धागा तीन बार अपनी कमर मे लपेट कर बांध दें ।
हाथ जोडकर माता धूमावती से समस्त अपराधों के लिये क्षमा मांगें.
अगले दिन या जब संभव हो किसी विधवा स्त्री को धन या भोजन जो आपकी इच्छा हो वह दान करें ....
तारा साधना मंत्रम
10 जून 2024
तारा साधना मंत्रम
तारा साधना मंत्रम
- · सहस्रनाम और कवच का पाठ साथ में करने से अतिरिक्त लाभ होता है.
- · भगवती तारा अपने साधक को उसी प्रकार साधना पथ पर आगे लेकर जाती है जैसे एक माँ ऊँगली पकड़कर अपने शिशु को ले जाती है.
9 जून 2024
8 जून 2024
तारा बीजयुक्त गायत्री मंत्रम
- तारा साधना नवरात्री तथा ज्येष्ठ मास में की जानी चाहिए
- तारा काली कुल की महविद्या है ।
- तारा महाविद्या की साधना जीवन का सौभाग्य है ।
- यह महाविद्या साधक की उंगली पकडकर उसके लक्ष्य तक पहुन्चा देती है।
- गुरु कृपा से यह साधना मिलती है तथा जीवन को निखार देती है ।
- साधना से पहले गुरु से तारा दीक्षा लेना लाभदायक होता है ।
- मंत्र का जाप रात्रि काल में ९ से ३ बजे के बीच करना चाहिये.
- यह रात्रिकालीन साधना है.
- गुरुवार से प्रारंभ करें.
- गुलाबी वस्त्र/आसन/कमरा रहेगा.
- उत्तर या पूर्व की ओर देखते हुए जाप करें.
- यथासंभव एकांत वास करें.
- सवा लाख जाप का पुरश्चरण है.
- ब्रह्मचर्य/सात्विक आचार व्यव्हार रखें.
- किसी स्त्री का अपमान ना करें.
- क्रोध और बकवास ना करें.
- साधना को गोपनीय रखें.
प्रतिदिन तारा त्रैलोक्य विजय कवच का एक पाठ अवश्य करें. यह आपको निम्नलिखित ग्रंथों से प्राप्त हो जायेगा.
- तारा स्तव मंजरी - चंडी प्रकाशन
- साधना सिद्धि विज्ञान मासिक पत्रिका - भोपाल
7 जून 2024
तारा महाविद्या की साधना
- तारा काली कुल की महविद्या है ।
- तारा महाविद्या की साधना जीवन का सौभाग्य है ।
- यह महाविद्या साधक की उंगली पकडकर उसके लक्ष्य तक पहुन्चा देती है।
- गुरु कृपा से यह साधना मिलती है तथा जीवन को निखार देती है ।
- साधना से पहले गुरु से तारा दीक्षा लेना लाभदायक होता है ।
- मंत्र का जाप रात्रि काल में ९ से ३ बजे के
- बीच करना चाहिये.
- यह रात्रिकालीन साधना है.
- गुरुवार से प्रारंभ करें.
- गुलाबी वस्त्र/आसन/कमरा रहेगा.
- उत्तर या पूर्व की ओर देखते हुए जाप करें.
- यथासंभव एकांत वास करें.
- सवा लाख जाप का पुरश्चरण है.
- ब्रह्मचर्य/सात्विक आचार व्यव्हार रखें.
- किसी स्त्री का अपमान ना करें.
- क्रोध और बकवास ना करें.
- साधना को गोपनीय रखें.
- प्रतिदिन तारा त्रैलोक्य विजय कवच का एक पाठ अवश्य करें. यह आपको निम्नलिखित ग्रंथों से प्राप्त हो जायेगा.
साधना सिद्धि विज्ञान मासिक पत्रिका ।















